महाराष्ट्र की सियासी हलचल में दशहरा का दिन शिवसेना के दोनों धड़ों के शक्ति प्रदर्शन का रहा। शिवसेना (यूबीटी) ने विजयदशमी के मौके पर शिवाजी पार्क में दशहरा रैली का आयोजन किया तो आजाद मैदान में एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना ने रैली की।
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की शिंदे सरकार पर बड़ा हमला बोला। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव कराएं और जनता आपको बताएगी कि असली शिवसेना कौन है? मैं आपको महाराष्ट्र में चुनाव कराने की चुनौती देता हूं। वहीं, मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि आजाद मैदान आज आजाद शिवसैनिक जुटे हैं। मुझे यहां भगवा लहर दिख रही है। हमने सत्ता को लात मार दी, लेकिन बाला साहेब के विचार को गिरने नहीं दिया। बाला साहेब के विचार हमारे लिए सब कुछ हैं।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा? राऊत भी बरसे
उद्धव ने कहा कि रावण शिव का परम भक्त था, फिर भी उसके अहंकार ने उसकी जान ले ली। जब मैं मुख्यमंत्री था तो कभी भी पुलिस से प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के लिए नहीं कहा गया। आज मराठा समुदाय के साथ बर्बरता की जा रही है। मौजूदा सरकार जनरल डायर सरकार है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब शासक की कुर्सी अस्थिर होती है, तो देश मजबूत हो जाता है। इस दौरान उन्होंने मिली-जुली सरकार की वकालत की। उद्धव ने मनमोहन सिंह, पीवी नरसिंह राव और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकारों का जिक्र किया। उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि हमने एक मजबूत सरकार देखी। केंद्र हो या राज्य, हर जगह मजबूत सरकार होनी चाहिए, लेकिन प्रचंड बहुमत के साथ एक पार्टी की सरकार नहीं होनी चाहिए। इससे पहले शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अजित पवार और हसन मुश्ररिफ का हवाला दिया। उन्होंने भाजपा को जमकर खरीखोटी सुनाई।
सीएम एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?
शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने दशहरा मैदान से 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' का नारा दिया था। वे कांग्रेस को पसंद नहीं करते थे। आज आपकी कांग्रेस में विलीन होने को तैयार है। सीएम शिंदे ने दावा किया कि 'मैंने आज रावण का दहन किया। 2024 में देश की जनता विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' नाम के रावण का दहन करेगी। 2014 में भी मोदी थे, 2019 में भी मोदी थे, 2024 में भी मोदी ही आएंगे। हम महाराष्ट्र में 48 में से 45 लोकसभा सीटें जीतेंगे।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न हमें दिया यानी जब हमें असली शिवसेना माना गया तो शिवसेना के बैंक खाते में 50 करोड़ रुपए जमा थे। इन लोगों ने वह पैसे बैंक से मांगे, लेकिन बैंक ने इनकार कर दिया। बाद में पैसे के लिए हमें पत्र लिखा गया। मैने तुरंत हामी भर दी, क्योंकि इनका लगाव सिर्फ पैसों से है, बालासाहेब के विचारों से नहीं।
मराठा आरक्षण को लेकर कही यह बात
मराठा आरक्षण पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं भी मराठा परिवार से हूं और मैं उन्हें अच्छी तरह से समझ सकता हूं। उनकी आरक्षण की उचित मांग है। हम मराठा आरक्षण को कानूनी रूप से तैयार करना सुनिश्चित करेंगे। किसी भी समुदाय के साथ अन्याय किए बिना मराठा आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की शपथ लेता हूं। मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे कोई भी गलत कदम न उठाएं, आपका परिवार आपके पीछे है। जब तक मेरे खून की एक भी बूंद बाकी है, मैं मराठा आरक्षण के लिए काम करूंगा। जो कमेटी बनी है वह 24 घंटे इस पर काम कर रही है।