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सामना के जरिये शिवसेना ने दिया परमबीर का साथ: दिल्ली के एक खास गुट का शिकार बताया

Fri, 19 Mar 2021 02:14 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर अजाला, मुंबई
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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी शिवसेना के मुखपत्र सामना में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को लेकर बड़ी बात कही गई है। दरअसल, मुंबई पुलिस आयुक्त पद से परम बीर सिंह को हटाए जाने के दो दिन बाद शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि उनका तबादला उन्हें दोषी नहीं बनाता। साथ ही शिवसेना ने यह आरोप भी लगाया कि दिल्ली का एक खास गुट परम बीर सिंह के कार्यकाल के दौरान टीआरपी घोटाला सामने आने की वजह से उनसे नाराज चल रहा था।

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सत्तारूढ़ पार्टी ने शुक्रवार को प्रकाशित सामना के संपादकीय अंक में पिछले माह  मुकेश अंबानी के घर के पास मिले विस्फोटक से भरे स्कॉर्पियो के मामले की जांच एनआईए को सौंपे जाने को लेकर सवाल भी खड़े किए। पार्टी ने कहा कि यह जांच एजेंसी सामान्य तौर पर आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच करती है, लेकिन इस मामले में आतंक का कोई पहलू भी नहीं था। बता दें, महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को सिंह का तबादला कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पुलिस महानिदेशक हेमंत नागराले को सिंह की जगह नियुक्त किया गया है।

हेमंत नागराले बने नए पुलिस कमिश्नर

सामना में लिखा गया है कि मुंबई के कार्माइकेल रोड पर एक वाहन में 20 जिलेटिन छड़ें रखी थीं, जिसकी वजह से पिछले कुछ दिनों में राज्य की राजनीति और प्रशासन में भूचाल आ गया। परम बीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया और वरिष्ठ अधिकारी हेमंत नागराले को उनकी जगह तैनात किया गया। यह सभी नियमित तबादले नहीं थे। उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के निकट विस्फोटक भरा वाहन मिलने और यह वाहन रखने वाले व्यक्ति मनसुख हिरेन की मौत को ले कर भाजपा ने कुछ सवाल खड़े किए थे, लेकिन आतंक रोधी दस्ता (एटीएस) हिरेन की मौत की जांच कर ही रहा था कि एनआईए ने अंबानी के घर के निकट वाहन मिलने की जांच अपने हाथ में ले ली।

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जांच एनआईए को सौंपे जाने को लेकर सवाल

सामना में कहा गया कि उम्मीद है कि यह कदम राज्य सरकार की छवि खराब करने की नहीं है। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा, ‘एनआईए सामान्य तौर पर आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मामले की जांच करती है। इस मामले में आतंक का कोई पहलू नहीं है। फिर भी जांच एजेंसी इसकी जांच के लिए आई है।  उरी, पठानकोट, पुलवामा की एजेंसी की जांच अब भी रहस्यमय बनी हुई है। मुंबई में 20 जिलेटिन छड़ों का मिलना एनआईए के लिए बड़ी चुनौती प्रतीत हो रहा है।’

सामना में कहा गया कि परम बीर सिंह ने मुंबई पुलिस प्रमुख के तौर पर कोविड-19 महामारी जैसे मुश्किल वक्त में काम किया और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया। इसमें लिखा गया, ‘उनके कार्यकाल के दौरान ही टेलिविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) घोटाला प्रकाश में आया। दिल्ली का एक खास गुट इसे लेकर उनसे नाराज चल रहा था।’ उन्होंने कहा कि सिंह का तबादला जरूर हुआ है, लेकिन इससे वह अपराधी नहीं बन जाते हैं। शिवसेना ने विपक्ष पर हिरेन की मौत पर राजनीति करने और पुलिस बल का मनोबल गिराने का आरोप लगाया।
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