प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए शिवसेना ने कहा है कि वे पूर्वोत्तर भारत में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, उन्हें मराठावाड़ा के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे का वक्त भी निकालना चाहिए।
शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 'वैश्विक नेता' हो चुके हैं, हालांकि देश के लोगों उनकी जरूरत ज्यादा महसूस कर रहे हैं। सामना ने अपने संपादकीय में कहा है कि मोदी वैश्विक नेता हो चुके हैं, प्रधानमंत्री के रूप में दुनिया भर में जाते रहते हैं, जबकि देश के लोग सूखे से परेशान हैं। भूख और प्यास से मर रहे हैं। लोगों का मानना है कि उन्हें देश में रहना चाहिए और लोगों की चिंता करनी चाहिए।
संपादकीय में कहा कि मोदी अगर सूखे से पीड़ित मराठावाड़ा में दो दिन बिताते तो अच्छा होता। वे पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, मराठवाड़ा के लोग ये नहीं भूलेंगे कि उन्हें उनकी चीख सुनाई नहीं दे रही है।
सामना में छपे संपादकीय में भाजपा पर हमला करते हुए कहा गया है कि पार्टी को सोचना चाहिए कि जेएनयू छात्रसंघ के नेता कन्हैया कुमार किसने इतना बड़ा बनाय? कन्हैया में मोदी पर टिप्पणी करने की क्षमता नहीं है, लेकिन बीजेपी को आत्ममंथन करना चाहिए की उसे किसने इतना बड़ा बना दिया?
उल्लेखनीय है कि रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे ने कहा था कि कन्हैया को राष्ट्रद्रोही कहना गलत है। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार को किसने पैदा किया, सरकार को इस पर सोचना चाहिए? वे नासिक में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे।