कांग्रेस ने दिल्ली में आप नेताओं के उपराज्यपाल आवास और भाजपा नेताओं के सीएम कार्यालय में जारी धरनों को जनता को गुमराह करने वाला बताया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली सरकार और एमसीडी में बैठी भाजपा भ्रष्टाचार के साथ ही असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस पूर्ण राज्य के मुद्दे पर फिलहाल समर्थन को तैयार नहीं है।
कभी मनपसंद अधिकारी नहीं मांगे: शीला
दीक्षित ने कहा कि उन्होंने कभी पूर्ण राज्य का बहाना नहीं बनाया और न ही मनपसंद अधिकारी मांगे। 1998 में उनकी पहली सरकार में वही मुख्य सचिव थे जो पूर्व की भाजपा सरकार में थे। राज्य सरकार और एलजी संविधान नहीं बदल सकते। इसके लिए संसद या प्रधानमंत्री के पास जाना होगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि शीला दीक्षित एक साल नरेंद्र मोदी के साथ सरकार चलाकर दिखाएं। इस पर उन्होंने कहा कि जब मेरी पहली सरकार बनी तो केंद्र में भाजपा सरकार ही थी। बावजूद इसके हमने बिजली का निजीकरण, सीएनजी बसें व थ्री-व्हीलर और पानी की समस्या पर काम किया।
एलजी के घर में धरना देख शर्म आती है
उपराज्यपाल के असहयोग पर कहा कि एलजी और सीएम की भूमिका तय है। एलजी के घर के अंदर धरने की फोटो देखकर शर्म आती है। दीक्षित ने कहा कि हमने तीन बार चुनाव लड़ा। हमें समझ आ गया था कि पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है। लिहाजा, केंद्र सरकार जमीन और पुलिस राज्य सरकार को देने के लिए तैयार नहीं थी। इसके लिए केंद्र को संविधान बदलना पड़ेगा।