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'री-ब्रांडिंग' की तैयारी में भाजपा, नए युवा चेहरे रखेंगे पार्टी के 'मन की बात'

Sat, 16 Jun 2018 12:55 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली 
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भारतीय जनता पार्टी का झंडा
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भारतीय जनता पार्टी मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियों और नीतियों की 'रीब्रांडिंग' करने की तैयारी कर रही है। भाजपा यह काम नए युवा चेहरों के जरिए दुरुस्त कराना चाहती है। इसके लिए भाजपा नए युवा और स्पष्ट प्रवक्ता भर्ती करना चाहती है, जो जमीनी स्तर पर मीडिया के सामने सरकार की उपलब्धियों को बेहतर ढंग से रखने में सक्षम हों। 
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भाजपा ने 2019 को होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए शुक्रवार को भाजपा शासित राज्यों के मीडिया प्रभारियों की बैठक बुलाई। इस बैठक को भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल ने संबोधित किया, वहीं आखिरी सत्र में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने विचार मीडिया प्रभारियों के सामने रखे। 

सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने राज्य मीडिया प्रभारियों से मीडिया को मैनेज करने के लिए राज्य और जिलास्तर पर 10 से 12 युवक-युवतियों की सूची तैयार करने के लिए कहा है। पार्टी की शर्त है कि इन युवा चेहरों की उम्र 30 साल से ज्यादा न हो और पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे हों। इन नए चेहरों को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पार्टी की इस कवायद से तकरीबन 300 नाम सामने आने की उम्मीद है। 
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ऐसे होगा युवा प्रक्ताओं का चयन

नरेंद्र मोदी
सूत्रों का कहना है कि नए प्रवक्ता केंद्र और राज्य सरकारों से जुड़े रहेंगे और जनहित की योजनाओं को बेहतर ढंग से आम आदमी की भाषा में जनता को समझाएंगे। सूत्रों के मुताबिक राज्यों के मीडिया प्रभारी नए प्रवक्ताओं के चयन को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिल कर अंजाम देंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक नए प्रवक्ताओं को न केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना चाहिए, बल्कि आर्थिक और राजनीति मुद्दों की भी बेहतर समझ हो। सूत्रों के मुताबिक नए चेहरे वैज्ञानिक, आईटी प्रोफेशनल और यहां तक कि कृषि विज्ञानी भी हो सकते हैं। 

सूत्रों का कहना है कि ऐसे प्रतिभाशाली लोग जो आत्मविश्वास के साथ संवाद करने में निपुण हों, ऐसे लोगों का पार्टी में स्वागत है। यह कुछ वैसा ही है जैसा 2014 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने किया था, जिसमें पार्टी ने युवा शहरी प्रवक्ताओं को मैदान में उतार दिया था। 

सूत्रों का कहना है कि पार्टी आगामी चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण से लेकर विपक्षी दलों के चलाए जा रहे अभियानों को प्रभावशाली ढंग से निबटने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। गौरतलब है कि पार्टी पहले ही संपर्क से समर्थन अभियान के तहत 30 जून तक अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से संवाद बनाने में जुटी हुई है। इस अभियान में भाजपा के 4000 से ज्यादा कार्यकर्ता समाज के एक लाख प्रबुद्धजनों से मिल कर उन्हें सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियां दे रहे हैं।
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