टीएमसी सांसद जवाहर सरकार के ममता बनर्जी को लिखे पत्र पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा ने इसे लेकर सूबे की सीएम ममता बनर्जी को आड़े हाथ लिया है। भाजपा ने निशाना साधते हुए कहा कि जवाहर सरकार ने टीएमसी की पोल पट्टी खोल कर रख दी है। इसके बाद अब टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी जवाहर सरकार पर इस्तीफे के लिए दबाव बना रही हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने टीएमसी और ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जवाहर सरकार ने अपने पत्र में टीएमसी के भीतर की गंदगी, भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि 'टीएमसी का मतलब टू मच करप्शन' है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जवाहर सरकार का पत्र यह साफ दिखाता है कि पश्चिम बंगाल में हर संस्था में ममता बनर्जी सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। राज्य में जो लोग भ्रष्टाचार पर सवाल करते हैं उन्हें परेशान किया जाता है। और चुप करा दिया जाता है।
भाजपा ने आरजी कर मामले को लेकर भी कसा तंज
इस दौरान उन्होंने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि टीएमसी सांसद के बनर्जी को लिखे पत्र से यह भी पता चलता है कि आरजी कर में हुआ मामले में उनकी सरकार की प्राथमिकता में पीड़िता को न्याय देना नहीं थी।
शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थागत लीपापोती का मामला था। इस मामले को लेकर राज्य में उनके खिलाफ घोर अविश्वास है, क्योंकि घटना के खिलाफ आंदोलन एक जन आंदोलन है, फिर भी टीएमसी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को गाली दी और उन्हें धमकाया। आगे पूनावाला ने ममता के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब तो सवाल यह है कि ममता बनर्जी कैसे पद पर बनी रह सकती हैं? क्या उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए? लेकिन बनर्जी इस्तीफा देने के बजाय कोलकाता के पुलिस आयुक्त संदीप घोष और अन्य को बचा रही हैं। आखिर वह ऐसा क्यों कर रही हैं।
क्या राहुल गांधी पीड़िता के परिजनों से मिलने जाएंगे?
आगे भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर भी आरजी कर मामले में चुप्पी साधने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ट्रेनी डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले पर अब तक चुप क्यों हैं? आगे कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या वे पीड़िता के माता-पिता से मिलने नहीं जाएंगे?
इसे लेकर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि जवाहर सरकार ने अपने पत्र में बताया है कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है। जब जवाहर सरकार राजनीति में आए तो उन्हें पता चला कि ममता बनर्जी भ्रष्टाचार की रानी हैं, इसलिए यह सब देखने के बाद उन्हें लगा कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। आगे उन्होंने सीएम के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं, टीएमसी सांसद जवाहर सरकार के इस्तीफे पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि अच्छा हुआ कि उन्होंने टीएमसी की संस्कृति को समझा। ये छोटे-छोटे इस्तीफों से काम नहीं चलने वाला है। हम सीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
जवाहर सरकार ने कोलकाता कांड के अलावा पार्टी में भ्रष्टाचार पर भी उठाए सवाल
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए पार्टी के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और जल्द ही राज्यसभा सदस्यता और राजनीति छोड़ने की भी घोषणा कर दी। सांसद ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले से निपटने में राज्य सरकार और ममता की भूमिका पर सवाल उठाया। ममता को लिखे पत्र में सरकार ने पार्टी में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी सवाल खड़े किए हैं।
जवाहर सरकार ने लिखा, आरजी कर अस्पताल में हुई भयानक घटना के बाद से पिछले एक महीने से धैर्यपूर्वक पीड़ा झेलता आ रहा हूं। मुझे उम्मीद थी कि इस मामले में ममता अपनी पुरानी शैली में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों के साथ बात कर सीधे हस्तक्षेप करेंगी। ऐसा नहीं हुआ। सरकार जो भी दंडात्मक कदम उठा रही हैं, वह न सिर्फ नाकाफी है, बल्कि बहुत कम भी है। अगर भ्रष्ट डॉक्टरों के गिरोह को खत्म कर दिया जाता और घटना के तत्काल बाद अनुचित प्रशासनिक कार्रवाई करने वालों को दंडित किया जाता तो राज्य में सामान्य स्थिति बहाल की जा सकती थी। मुख्यमंत्री से राज्य को बचाने की अपील करते हुए सरकार ने पत्र में कोलकाता कांड में शासन-प्रशासन के रवैये पर भी सवालिया निशान लगाए।
लोग पूछ रहे-ममता कूद कर क्यों नहीं बोल रहीं
जवाहर सरकार ने लिखा, इस समय राज्य के सामान्य लोग स्वतःस्फूर्त आंदोलन कर रहे हैं और इसमें उनका गुस्सा दिख रहा है। पार्टी नेताओं का एक वर्ग भ्रष्टाचार में शामिल है। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। लोग पूछ रहे हैं, सीएम पुरानी ममता बनर्जी की तरह कूद कर क्यों नहीं बोल रहीं।
कौन हैं जवाहर सरकार?
जवाहर सरकार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे हैं। वह यूपीए-2 शासन में लगातार चार साल तक संस्कृति मंत्रालय के सचिव रहे। इसके बाद 2012 में प्रसार भारती के सीईओ बनाए गए। टीएमसी ने उन्हें साल 2021 में राज्यसभा भेजा था।