शीना बोरा हत्याकांड मामले में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। मुखर्जी ने छह महीने पहले स्वास्थ्य के आधार पर विशेष सीबीआई न्यायाधीश जेसी जगदाले की अदालत में यह अर्जी लगाई थी। जमानत हासिल करने की उसकी यह चौथी कोशिश थी।
अदालत ने कहा कि पिछली जमानत याचिका खारिज होने के बाद से परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जमानत के लिए दलीलें देते हुए इंद्राणी के वकील तनवीर अहमद ने कहा था, ‘उनकी चिकित्सा दशा गंभीर है और लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थिति सुधर नहीं रही है, बल्कि बिगड़ती जा रही है।’
अहमद ने कहा, ‘चिकित्सा विशेषज्ञों ने राय दी है कि इन महिला की बीमारी अपरिवर्तनीय दशा में है। ऐसे में (स्वास्थ्य में) और गिरावट निश्चित है।’ उसकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है।
सीबीआई के वकील मनोज चलादन ने कहा कि विशेष सीबीआई अदालत से पिछली बार (18 नवंबर को) जमानत अर्जी खारिज होने के बाद परिस्थितयों में कोई बदलाव नहीं आया। शीना को उसकी मां इंद्राणी, इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना और उसके पूर्व ड्राइवर श्यामवीर ने अप्रैल, 2012 में कथित रूप से गला घोंटकर मार डाला था।
इंद्राणी पर आरोप है कि उसने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर के साथ मिलकर शीना का अपहरण करके 24 अप्रैल 2012 के दिन कथित तौर पर कार के अंदर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश को एक सूटकेस में रख दिया गया। इंद्राणी इस मामले में 2015 से जेल में बंद हैं।