शीना बोरा हत्याकांड मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने विधि मुखर्जी की याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में विधि मुखर्जी ने भारत लौटने के बाद अपनी मां इंद्राणी मुखर्जी के साथ मुंबई में रहने की अनुमति मांगी थी। गौरतलब है कि विधि मुखर्जी, शीना बोरा हत्याकांड के आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी की बेटी हैं। वे पिछले कई सालों से लंदन में रह रही हैं।
विधि मुखर्जी ने दायर की थी याचिका
विधि मुखर्जी ने बीते 30 अगस्त को अपनी मां के साथ रहने की मांग वाली याचिका अदालत में वकील अधिवक्ता रंजीत सांगले के माध्यम से दायर की थी। याचिका के मुताबिक, वह 10 सितंबर को भारत वापस लौटेंगी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि जब अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के सिलसिले में 2015 में इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था, तब वे नाबालिग थी। तब से वह अपनी मां के साथ से वंचित हैं। इस अलगाव ने उनको भावनात्मक रूप से कमजोर किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी मां इंद्राणी मुखर्जी सेरेब्रल इस्किमिया से पीड़ित हैं। साथ ही वह बेहद कमजोर हो गईं हैं उन्हें चिकित्सीय देखभाल की जरूरत है।
सीबीआई ने दिया यह तर्क
हालांकि, बुधवार को उनकी इस याचिका का विरोध करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कहा कि विधि मुखर्जी अभियोजन पक्ष की गवाह है और अब तक उससे पूछताछ नहीं हुई है। साथ ही सीबीआई ने यह भी कहा कि विधि मुखर्जी की याचिका को स्वीकार करना सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंद्राणी मुखर्जी को जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का उल्लंघन होगा।
अदालत ने खारिज की याचिका
दोनों पक्षों को सुनने के बाद शीना बोरा हत्याकांड की अध्यक्षता कर रहे विशेष न्यायाधीश एस पी नाइक निंबालकर ने विधि मुखर्जी की याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि इस मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। जमानत देते समय अदालत ने कुछ शर्ते रखी थीं। जिसमें यह भी था कि वह अभियोजन पक्ष के गवाह को प्रभावित नहीं करेंगी या सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगी।
क्या था मामला
करीब एक दशक पहले मुंबई के हाई प्रोफाइल सोसाइटी में ऑनर किलिंग का यह पहला मामला था जिसने मां बेटी के संबंधों को तार-तार कर दिया था। कहा जाता है कि मां को अपनी बेटी का कत्ल इसलिए करना पड़ा क्योंकि बेटी जिस लड़के से प्यार करती थी वो रिश्ते में उसका सौतेला भाई लगता था। जांच के दौरान एक-एक कर इतने नाटकीय घटनाक्रम सामने आए कि पूरा मामला किसी थ्रिलर फिल्म जैसा हो गया। शीना बोरा की हत्या के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा था कि आखिरकार एक मां ने अपनी बेटी की हत्या क्यों करवा दी।
2 मई 2012 को रायगढ़ के जंगल में मिला था शव
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के जंगल में एक लड़की की अधजला शव मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त करने की कोशिश की, लेकिन शव क्षत-विक्षत होने से उसकी पहचान नहीं हुई। पुलिस ने शव से सैंपल लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए भेजा और शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। तीन साल तक पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी रही, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। 2015 में पुलिस को ड्राइवर के खुलासे से केस सुलझाने में मदद मिली थी।