सुषमा स्वराज के साथ हामिद निहाल अंसारी
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देश की विदेश मंत्री रहते हुए दिवंगत सुषमा स्वराज ने हजारों लोगों की मदद की थी। इन लोगों में मूक-बधिर गीता, सरबजीत, हामिद अंसारी, जैनब बी के अलावा विदेशों में फंसे कई भारतीय भी शामिल हैं। इन सभी को स्वराज के कारण ही नया जीवन मिल पाया है। आज ये सभी उनके निधन पर दुखी हैं।
मुंबई के रहने वाले हामिद अंसारी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अपनी मां की तरह मानते हैं। उन्होंने सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुनते ही दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मेरे मन में उनके लिए गहरा सम्मान है और वो हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगी। वो मेरे लिए मेरी मां की तरह थीं। मेरे पाकिस्तान से लौटने के बाद, उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ये मेरे लिए बड़ा नुकसान है।"
पाक की खुफिया एजेंसियों ने अफगानिस्तान से देश में प्रवेश करने के बाद अंसारी को 2012 में हिरासत में ले लिया था और 2015 में एक सैन्य अदालत ने फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने के मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। सैन्य अदालत द्वारा 15 दिसंबर 2015 को सजा सुनाए जाने के बाद से 33 वर्षीय मुंबई निवासी अंसारी पेशावर केंद्रीय कारागार में बंद थे। उनकी तीन साल की सजा 15 दिसंबर, 2018 को पूरी हो गई थी लेकिन कानूनी दस्तावेज तैयार नहीं होने की वजह से वह भारत रवाना नहीं हो पा रहे थे। वह 18 दिसंबर, 2018 को भारत वापस लौटे।
पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे अंसारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों एवं कोहाट की स्थानीय पुलिस द्वारा 2012 में हिरासत में लिए जाने के बाद से लापता हो गए थे और उनकी मां फौजिया अंसारी द्वारा दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जवाब में उच्च न्यायालय को सूचित किया गया कि वह पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हैं और एक सैन्य अदालत में उनपर मुकदमा चलाया जा रहा है।
खबरों के मुताबिक ऑनलाइन चैटिंग के दौरान एक लड़की से दोस्ती के बाद उससे मिलने की चाहत में वह अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान पहुंच गए थे। पाकिस्तान ने दावा किया था कि अंसारी एक "भारतीय जासूस थे जिन्होंने अवैध तरीके से पाकिस्तान में प्रवेश किया था और वह राष्ट्र विरोधी अपराधों एवं फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल थे।"