वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के जल्द ही ममता बनर्जी के साथी बनने की संभावना है। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता के एक करीबी सूत्र ने रविवार को कहा कि शत्रुघ्न कांग्रेस का साथ छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सूत्रों का दावा है कि शत्रु 21 जुलाई को टीएमसी के शहादत दिवस समारोह में उसकी सदस्यता ले सकते हैं।
हालांकि इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि बिहारी बाबू के नाम से मशहूर शत्रुघभन की भाजपा में ‘घर वापसी’ हो सकती है। ये कयास शत्रुघभन सिन्हा की तरफ से हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में हिंदी में एक ट्वीट किए जाने से लगाए गए थे, जबकि इससे पहले वह मोदी विरोध के कारण ही भगवा दल से बाहर हुए थे।
लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह फिलहाल टीएमसी से ज्यादा जुड़े हुए हैं, जो हालिया दिनों में भाजपा पर भारी पड़ी है और ममता बनर्जी 2024 आम चुनाव में पीएम मोदी के सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के तौर पर उभरकर सामने आई हैं। हालांकि जब शत्रु से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफतौर पर जवाब नहीं दिया और स्पष्ट तौर पर इनकार भी नहीं किया। उन्होंने कहा, राजनीति संभावनाओं का खेल है।
टीएमसी के भी कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि शत्रु के उनकी पार्टी से जुड़ने को लेकर कोलकाता में बातचीत तकरीबन निर्णायक स्तर पर है। अभिनेता से राजनेता बने शत्रु के बनर्जी के साथ पहले से ही अच्छे रिश्ते रहे हैं और शत्रु उन्हें रियल रॉयल बंगाल टाइगर कहकर पुकारते रहे हैं।
यशवंत सिन्हा ने लिखी है पटकथा
सूत्रों का कहना है कि पटना साहिब सीट से दो बार भाजपा सांसद रहे शत्रु के टीएमसी में जाने की पटकथा लिखने में अटल बिहार वाजपेयी सरकार में वित्तमंत्री रहे यशवंत सिन्हा की भी अहम भूमिका है, जो इस समय टीएमसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। शत्रु और यशवंत के करीबी रिश्ते किसी से छिपे हुए नहीं हैं।
पटना साहिब सीट से 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद से हारने के बाद शत्रु को उनकी पार्टी ने कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी है और इसका भी ‘शॉटगन सिन्हा’ को बेहद मलाल है।
बिहारी बाबू के जरिये बिहार पर ममता की नजर
पीएम मोदी को 2024 चुनावों में करारी टक्कर देने की घोषणा कर चुकी ममता बनर्जी पहले ही कह चुकी हैं कि वह अपनी पार्टी के पश्चिम बंगाल से बाहर भी वृहद भूमिका तैयार करेंगी। माना जा रहा है कि इसकी शुरुआत बिहार से ही होगी। इसी कारण वहां से यशवंत सिन्हा के बाद बिहारी बाबू के तौर पर वह दूसरा बड़ा चेहरा जोड़ रही हैं।
बनर्जी दे सकती हैं राज्यसभा सीट
शत्रुघभन सिन्हा के टीएमसी से जुड़ने के बाद ममता बनर्जी उन्हें राज्यसभा में भेज सकती हैं, जहां उनकी पार्टी के हिस्से की दो सीट खाली हैं। एक सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी के टीएमसी छोड़कर भाजपा से जुड़ने के कारण खाली हुई थी, जबकि दूसरी सीट हाल ही में विधानसभा चुनाव लड़कर ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में जगह पाने वाले टीएमसी सांसद मानस भुनिया की है।