कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के बहुत बड़े आलोचक माने जाते हैं। उन्होंने रविवार को पुणे में कहा कि प्रधानमंत्री जब भारत के प्रतिनिधि के तौर पर विदेश जाते हैं तो उन्हें सम्मान मिलना चाहिए लेकिन जब वह देश में होते हैं तो लोगों के पास उनसे सवाल करने का अधिकार होता है।
ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के कार्यक्रम में थरूर ने देश की एक आम भाषा को लेकर जारी विवाद पर कहा कि वह त्री भाषा फॉर्मूला के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री विदेशों में सम्मान के हकदार हैं क्योंकि वे वहां हमारे राष्ट्र के प्रतिनिधि होते हैं। लेकिन जब वह भारत में होते हैं तो हमारे पास उनसे सवाल करने का अधिकार है।'
देश में एक आम भाषा के मुद्दे पर थरूर ने कहा कि भाजपा की मानसिकता हिंदी, हिंदुत्व और हिंदुस्तान को बढ़ावा देने की है जो देश के लिए खतरनाक है। हमें त्री भाषा फॉर्मूले को आगे बढ़ाने की जरूरत है। हिंदी दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह के हिंदी को लेकर दिए बयान पर कई राज्यों ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद उन्होंने बुधवार को इसपर सफाई दी थी।
शाह ने कहा था कि उन्होंने देश में कहीं भी हिंदी थोपने की बात कभी नहीं की बल्कि दूसरी भाषा के तौर पर इसके इस्तेमाल की वकालत की। शाह ने कहा कि वह लगातार क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूत करने की वकालत कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद ने देश में बढ़ती भीड़ हिंसा को लेकर भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि यह हिंदुत्व और भगवान राम का अपमान है।
उन्होंने कहा, 'केरल में रहने वाले (विभिन्न समुदायों के) लोगों के बीच कोई अंतर नहीं है। तो ऐसा महाराष्ट्र में क्यों हो रहा है।' मराठा योद्धा शिवाजी महाराज के राज में विभिन्न समुदाय के लोग रहते थे। लेकिन उन्होंने सभी को एक-दूसरे की इज्जत करने का निर्देश दिया था। भाजपा के हिंदुत्व का विचार राजनीतिक विचारधारा है और इसका हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है।