जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता शरद यादव चौथी बार पार्टी अध्यक्ष का पद नहीं संभालने का निर्णय किया है। ऐसे में अब पार्टी 10 अप्रैल को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नया अध्यक्ष चुनने के लिए तैयार है। पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि शरद यादव ने साल 2006 से पार्टी अध्यक्ष के रूप में लगातार अपने तीन कार्यकाल पूरे किए हैं। अब उन्होंने अगले कार्यकाल के लिए पार्टी संविधान में किसी भी प्रकार के संशोधन करने से इनकार कर दिया है।
पार्टी में इस तरह की चर्चाएं है कि बिहार से बाहर अपना दायरा बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार खुद पार्टी की कमान संभाल सकते हैं। इसके तहत अजित सिंह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक दल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी के नेतृत्व वाली झारखंड विकास मोर्चा के साथ विलय की योजना है।
शरद यादव बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक हैं। 2013 में पार्टी संविधान में संशोधन कर शरद यादव तीसरी बाद पार्टी अध्यक्ष चुने गए थे। उस समय अध्यक्ष के रूप में अधिकतम दो कार्यकाल की अनुमति थी।