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शरद यादव पहले भी कर चुके हैं महिला विरोधी टिप्पणियां, ये रहे मामले

Wed, 25 Jan 2017 03:44 PM IST
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
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जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के एक बयान पर विवाद हो गया है। मंगलवार को पटना में एक कार्यक्रम में शरद यादव ने कहा था, 'लोगों को यह बताना बेहद जरूरी है कि बैलट पेपर कैसे काम करता है। वोट की इज्जत आपकी बेटी की इज्जत से ज्यादा बड़ी होती है।
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अगर बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ गांव और मोहल्ले की इज्जत जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज्जत चली जाएगी।' माना जा रहा है कि इस बयान में शरद यादव ने महिलाओं की तुलना वोट से की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने कहा है कि वो शरद यादव के बयान का स्वतः संज्ञान लेकर उन्हें नोटिस भेज रही हैं।

वहीं शरद यादव के बयान का बचाव करते हुए जदयू नेता केसी त्यागी ने टीवी-18 से कहा, "शरद यादव के कहने का मतलब ये है कि बेटी और वोट दोनों सम्मान की चीजें हैं।"
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ये पहली बार नहीं है जब शरद यादव के महिलाओं को लेकर दिए बयान पर विवाद हुआ है। इससे पहले भी उनके कई बयान विवादित रहे हैं।
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संसद में महिलाओं के रंग पर बयानः

दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली तो जरूर होती हैं, लेकिन उनका शरीर खूबसूरत होता है, उनकी त्वचा सुंदर होती है, वे नाचना भी जानती हैं। लेकिन भारत के लोग गोरी चमड़ी के आगे सरेंडर कर देते हैं। यहां तो सफेद रंगत देखकर लोग दंग रह जाते हैं। शादी के विज्ञापनों में भी लिखा रहता है, गोरी लड़की चाहिए

स्मृति ईरानी पर टिप्पणी

संसद में स्मृति ईरानी ने जब शरद यादव पर सवाल उठाए तो उन्होंने ईरानी पर टिप्पणी करते हुए कहा था, 'मैं जानता हूं कि आप कौन हैं।"

महिला आरक्षण बिल

शरद यादव ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए कहा था कि यदि ये बिल पारित हो गया तो मैं जहर खा लूंगा। शरद यादव ने ये भी कहा था कि इस बिल से सिर्फ पर कटी औरतों को फायदा पहुंचेगा।

 
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