जद(यू) महासचिव केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के पक्ष में भले ही धार दे दी है, लेकिन पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और राजनीति के धुरंधर शरद यादव की लगातार तड़प बढ़ रही है। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपना स्टैंड बदलने, एनडीए के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला शरद यादव से न तो उगला जा रहा है और न ही निगला। ऐसे में उनके करीबियों को लग रहा है कि शरद यादव अंतररात्मा की आवाज पर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि नीतिश कुमार द्वारा रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद से ही शरद यादव के फोन की घंटी काफी बज रही है। पार्टी के तमाम नेता मुख्यमंत्री के फैसले से खुश नहीं हैं। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव भी शरद यादव से ही अपनी दुहाई दे रहे हैं। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल भी नीतिश के निर्णय से हैरान हैं। दूसरे शरद जी ही वह शख्स थे जो लगातार जनता दल परिवार के एक होने की वकालत कर रहे थे। वह पिछले कुछ समय से विपक्षी एकता को बनाए रखने की पुरजोर कोशिश भी कर रहे थे।
समाजवादी नेता स्व. मधु लिमये की याद में दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में भी शरद यादव ने इस पर बल देते हुए राष्ट्रपति चुनाव को अहम बताया था। वहीं नीतिश कुमार ने एक ही झटके में पूरी बाजी पलट दी है। इसे शरद यादव बतकटी के तौर पर देख रहे हैं।