वीडियो रिकॉर्डिंग में जिक्र है कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के अलावा किस-किस तरीके से पैसे कमाए और ठाकरे सरकार ने संजय पांडेय को किस मकसद के लिए मुंबई का पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है।
महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोप पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिये एमवीए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कामयाब नहीं हुई तो नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
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शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेन ड्राइव में सौंपी गई वीडियो फुटेज की सत्यता की जांच कराएगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि भले फुटेज में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनका नाम लिया गया है, लेकिन इस षड्यंत्र से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। किसी को भी राजनीतिक तौर पर इस तरह खत्म नहीं किया जा सकता। यह सच है तो फडणवीस द्वारा सौंपी गई सवा सौ घंटे की रिकॉर्डिंग किसी शक्तिशाली एजेंसी के जरिये तैयार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी एजेंसियां केवल भारत सरकार के तहत काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और प. बंगाल में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का सबसे बड़ा उदाहरण है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के यहां 90 छापे मारे गए।
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सरकार पर भाजपाइयों को झूठे मामलों में फंसाने का है आरोप
महाराष्ट्र के कई नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश का आरोप लगाया था। विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि झिरवाल को पेन ड्राइव में सवा सौ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग सौंपकर उन्होंने कहा था कि यह विशेष सरकारी वकील और पुलिस के जरिये रची गई साजिश का सुबूत है।
वीडियो रिकॉर्डिंग में जिक्र है कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के अलावा किस-किस तरीके से पैसे कमाए और ठाकरे सरकार ने संजय पांडेय को किस मकसद के लिए मुंबई का पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है।