राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में मणिपुर जैसे तनाव की आशंका जताई है। उन्होंने देश के विकास के लिए सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया। शरद पवार ने रविवार को एक सामाजिक एकता सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में उन्होंने मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष से निपटने के लिए केंद्र के तरीके की भी आलोचना की।
शरद पवार की यह टिप्पणी महाराष्ट्र में मराठा-ओबीसी आरक्षण को लेकर जारी विवाद के बीच और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना के बाद आई है। दरअसल, अमित शाह ने पूर्व मराठा राजनेता को भ्रष्टाचार सरगना करार दिया था। पवार ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, "मणिपुर में जारी हिंसा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी राज्य का दौरा करना जरूरी नहीं समझा। पड़ोसी राज्यों विशेषकर कर्नाटक में भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।"
राकांपा-एसपी नेता ने कहा, "हाल के दिनों में महाराष्ट्र में भी ऐसा कुछ हो सकता है। सभी को जाति-धर्म से ऊपर उठकर एक राष्ट्र बनाने के लिए काम करना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "हमारे राज्य (महाराष्ट्र) में भी स्थिति इस ओर ही इशारा करती है। समाज में एकता स्थापित करने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है, जो ऐसा नहीं कर रही है। सामाजिक एकता भंग न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी को एकसाथ आना चाहिए।"
शरद पवार ने मणिपुर में जारी हिंसा पर केंद्र को घेरा
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहा है। अपने संबोधन में पवार बार-बार मणिपुर का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा, "संसद में मणिपुर पर चर्चा की गई। दिल्ली में विभिन्न जाति के लोग हमसे मिलने आए। उन्होंने बताया कि एक छोटे से राज्य में जहां लोग खुशी से रह रहे थे अब वहां अशांति फैल चुकी है। दो समुदाय के बीच झड़प के कारण कई घर जल गए।" उन्होंने आगे कहा, "मणिपुर में जहां लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहते थे, अब वे एक दूसरे से बात करना पसंद नहीं करते हैं।" केंद्र पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा, "यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वे इसे सुलझाए, एकता को बढ़ावा दे और कानून-व्यवस्था स्थापित करें। दुर्भाग्यवश, वर्तमान सरकार की नजर इस संकट पर नहीं पड़ रही है।"
सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने शरद पवार की इन टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए इसे अनुचित बताया। उन्होंने कहा, "वह (शरद पवार) ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे जिससे दंगा-हिंसा भड़क सकता है। लेकिन महाराष्ट्र की जनता बुद्धिमान है, वे दंगों की तरफ नहीं जाएंगे। कुछ लोग समुदायों के बीच दंगा भड़काना चाहते हैं। मैं पवार से अनुरोध करूंगा कि वे ऐसे लोगों को रोकने के लिए आगे आएं।"
एनसीपी शरद गुट ने फडणवीस के सहयोगी पर नार्को टेस्ट की मांग की
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने सोमवार को मांग की कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख द्वारा भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ लगाए गए आरोपों के केंद्र में रहे समित कदम का नार्को टेस्ट किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। देशमुख ने एक बार फिर आरोप लगाया कि जब वे पिछली एमवीए सरकार में गृह मंत्री थे, तब कदम ने फडणवीस की ओर से उनसे मुलाकात की थी, जो विपक्ष के नेता थे, उन्होंने तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे और मंत्रियों आदित्य ठाकरे, अजित पवार और अनिल परब पर आरोप लगाते हुए हलफनामे दिए थे। फडणवीस और कदम ने इन आरोपों से इनकार किया है।