राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार को शनिवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। 85 वर्षीय वरिष्ठ राजनेता को पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में तकलीफ और सीने में संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी सेहत में सुधार पाया और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से बाहर आने के बाद पवार सीधे मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास 'सिल्वर ओक' पहुंचे।
पार्थ पवार पहुंचे 'सिल्वर ओक', क्या रही इस मुलाकात की वजह?
शरद पवार के घर पहुंचते ही उनसे मिलने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। राकांपा के युवा नेता पार्थ पवार शनिवार को अपने ग्रैंड अंकल शरद पवार का हालचाल जानने के लिए 'सिल्वर ओक' पहुंचे। पार्थ पवार ने वहां पहुंचकर वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल से लौटने के तुरंत बाद हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
राकांपा (एसपी) के कौन-कौन से नेता पहुंचे हालचाल जानने?
शरद पवार की तबीयत की जानकारी मिलते ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उनका हालचाल पूछने 'सिल्वर ओक' पहुंचे। राकांपा (एसपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पवार से मुलाकात कर उनकी सेहत का जायजा लिया। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री जितेंद्र आव्हाड तथा पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी उनसे मिलने पहुंचे। सभी नेताओं ने उनके स्वास्थ्य पर संतोष व्यक्त किया।
पुणे से मुंबई तक कहां-कहां चला शरद पवार का इलाज?
शरद पवार को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण पहले पुणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें 2 नवंबर को पुणे के प्रसिद्ध रूबी हॉल क्लिनिक में ले जाया गया था, जहां 4 नवंबर तक उनका इलाज चला। 4 नवंबर को वहां से डिस्चार्ज होने के बाद उसी दिन उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार सुबह तक उनका इलाज जारी रहा।
डिस्चार्ज के बाद अब डॉक्टरों की क्या है सलाह?
85 वर्ष की आयु में लगातार भागदौड़ और सेहत की समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों ने शरद पवार को फिलहाल पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी है। 'सिल्वर ओक' लौटने के बाद भी डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके अस्पताल से सुरक्षित घर लौटने पर राहत की सांस ली है।
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एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय की चर्चाओं पर रोहित पवार ने क्या कहा?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने पार्टी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर नेताओं के बयानों में विरोधाभास पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इसी साल जनवरी में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद कुछ नेताओं ने दावा किया था कि दोनों धड़ों को एक साथ लाने पर कभी कोई चर्चा ही नहीं हुई थी। इसके विपरीत, अब वही नेता यह दावा कर रहे हैं कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो इस साल फरवरी तक दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित पवार ने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह के विरोधाभासी बयान कहीं न कहीं पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार पर दबाव बनाने की सुनियोजित कोशिश तो नहीं हैं।
प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात और तटकरे के बयान से गरमाई सियासत?
हाल ही में वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह मुंबई के अस्पताल में शरद पवार से मिलकर 10 नवंबर के बाद बैठक की चर्चा करते दिखे थे, जिसके तुरंत बाद सुनील तटकरे ने भी विलय को लेकर बड़ा बयान दिया। इन घटनाक्रमों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने यह भी अंदेशा जताया कि यह अचानक शुरू हुई विलय की बातें इस बात का संकेत हो सकती हैं कि महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति सरकार और गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि दिवंगत अजित पवार हमेशा पवार परिवार को एकजुट रखना चाहते थे और 85 वर्षीय पार्टी संरक्षक शरद पवार की उम्र का सम्मान करते हुए दोनों गुटों का मिलन चाहते थे, लेकिन अब नेताओं के बदलते बयान सियासी गलियारों में कई बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।