महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के करीब 70 लाख किसानों को राहत देते हुए फार्मर आईडी और फसल पंजीकरण की प्रक्रिया आसान कर दी है। अब जमीन के रिकॉर्ड या खेती की जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर तलाठी, मंडल अधिकारी और तहसीलदार के जरिए सत्यापन कराया जा सकेगा। सीएम फडणवीस ने किसानों को आर्थिक मदद, बिजली बिल माफी और जल संरक्षण योजनाओं का लाभ देने की भी जानकारी दी।
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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कई उपाय घोषित किए हैं। ये उपाय किसान आईडी पंजीकरण और फसल निरीक्षण को आसान बनाने के लिए हैं। इसका उद्देश्य किसानों को सरकारी लाभ से वंचित होने से बचाना है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह पहल की है। भूमि रिकॉर्ड या खेती की जानकारी की कमी के कारण किसान आईडी नहीं मिल पाती थी। अब ऐसे किसानों के रिकॉर्ड तलाठी, मंडल अधिकारी और तहसीलदार सत्यापित करेंगे। राजस्व विभाग ने एक वैकल्पिक फसल निरीक्षण प्रक्रिया भी शुरू की है।
यह उन मामलों के लिए है जहां ऑनलाइन खरीफ फसल पंजीकरण संभव नहीं है। तकनीकी या भौगोलिक कठिनाइयों के कारण ऐसा हो सकता है। अब ऐसे निरीक्षण 'ई-फेरफार' के माध्यम से तलाठी स्तर पर होंगे। इससे फसल पंजीकरण में कोई बाधा नहीं आएगी। इन निर्णयों से राज्य के लगभग 70 लाख किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह पहल सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल ऋण, फसल बीमा और डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करेगी।
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मुख्यमंत्री की घोषणाएं
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रहा है। अपर्याप्त वर्षा के कारण फसल का भारी नुकसान हुआ है। चारे और पानी की उपलब्धता में भी समस्याएं आई हैं। सरकार ने संकटग्रस्त किसानों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। 1.5 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा किए गए हैं।
अन्य सरकारी सहायता
सरकार ने जून तक के 58,000 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके साथ दिवाली मनाने का फैसला किया गया। गांवों में पानी की कमी दूर करने के लिए चेक डैम बनाने की योजना है। छोटे जल अवरोधक और जल संरक्षण परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी। मुफ्त सर्जरी सहित कई स्वास्थ्य सुविधाएं भी किसानों को मिलेंगी।