बिहार की राजनीति में हुए अप्रत्याशित घटनाक्रम के बीच राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ताजा घटनाक्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने टिप्पणी की है। उन्होंने आगाह किया है कि जनता आने वाले चुनावों में बिहार की जनता नीतीश को सबक जरूर सिखाएगी। शरद पवार ने कहा कि नीतीश से उनकी लगभग 10 दिन पहले ही बात हुई थी। उन्होंने कहा कि नीतीश का एनडीए में शामिल होना चौंकाने वाला फैसला है। उन्हें इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं है कि नीतीश ने यह फैसला क्यों लिया।
विपक्षी एकजुटता की पहल करने वाले नीतीश खुद NDA में चले गए
पवार ने कहा कि इतनी कम समयावधि में उन्होंने बदलते राजनीतिक घटनाक्रम पहले कभी नहीं देखे। पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने यह भी कहा कि नीतीश ने उनसे खुद फोन पर बात की थी। पटना में विपक्षी दलों की एकजुटता और गैर-भाजपाई दलों के साथ आने पर नीतीश ने खुद उन्हें बताया था। अब केवल 10 दिनों में ऐसा क्या हुआ जो उन्हें एनडीए का दामन थामना पड़ा, इस बात के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
NCP की कार्यकारी अध्यक्ष ने भी बिहार की राजनीति पर टिप्पणी की
पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने भी नीतीश के फैसले को निराशाजनक करार दिया। सुप्रिया ने कहा, नीतीश का एनडीए में शामिल होना हमारे लिए (28 दलों के गठबंधन- INDIA) स्पष्ट रूप से निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कद्दावर नेता हैं। बकौल सुप्रिया, वे नीतीश से असहमत हैं, लेकिन यह लोकतंत्र है। हर किसी को फैसले करने का अधिकार है। उन्होंने INDIA में शामिल दलों के टकराव और कथित बिखराव को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि INDIA में शामिल बाकी पार्टियां एकजुट हैं। हम सिर्फ एक संगठन के रूप में नहीं बल्कि INDIA परिवार के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर एक सहयोगी दल की राय अलग है, या दलों के बीच मतभेद है तो इसमें समस्या नहीं होनी चाहिए?
देश 'पलटू राम' का शासन देख रहा है
इस प्रकरण पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार गठबंधन को तोड़ने की साजिश रची और यह पार्टी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। छत्रपति संभाजीनगर जिले में संवाददाताओं से राउत ने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भले ही नीतीश कुमार हाथ जोड़कर भाजपा के दरवाजे पर आएं, हम उनके साथ गठबंधन नहीं करेंगे।' हालांकि, रविवार के घटनाक्रम के बाद देश 'पलटू राम' (नीतीश) का शासन देख रहा है, न कि राम राज्य का।
जुलाई, 2023 के मामले पर भी कटाक्ष, प्रधानमंत्री मोदी का भी जिक्र
भाजपा के साथ-साथ जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए राउत ने कहा, इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के लिए अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल (दोनों राकांपा नेता) की आलोचना की थी। हालांकि, उन्हें 24 घंटे के भीतर महाराष्ट्र गठबंधन (महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना) में शामिल कराया गया। राउत की यह टिप्पणी जुलाई 2023 के घटनाक्रम से जुड़ी है। अजित पवार के नेतृत्व में ये नेता महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए थे।