भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज हैं। उनका मानना है कि महाराष्ट्र में हार फडणवीस के रवैये के कारण हुई है। फिर भी वह उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि ठाकरे पवार का रिमोट कंट्रोल बन गए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव भले ही हैं, लेकिन सरकार शरद पवार चला रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कोई तंज कसने का अवसर नहीं छोड़ते। भाजपा के नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे को सोचना चाहिए। उनकी पार्टी सरकार में सबसे बड़ा दल है।
उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई, लेकिन उनकी पार्टी को और क्या मिला। काफी कुछ एनसीपी के पास है। जो एनसीपी से बचा वह मलाईदार विभाग कांग्रेस के मंत्रियों के पास है। विभागों के बंटवारे के सवाल पर कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसे देखना कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं का काम है। सूत्र का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार में पवार और एनसीपी की ही काफी चल रही है।
कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि राज्य में विभागों के बंटवारे में पार्टी को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिला। सोमवार को उद्धव ठाकरे, फिर संजय राउत ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर शरद पवार के नाम पर विचार किए जाने की वकालत की। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि उन्हें महाराष्ट्र में शरद पवार के सामने खड़े होने में सक्षम नेता की जरूरत है। वह बाला साहब थोराट को इसमें उपयुक्त नहीं मानते।