गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने साफ कर दिया है कि वे बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे कांग्रेसी हैं और कांग्रेसी ही रहेंगे। वाघेला ने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर किसी तरह का दवाब बनाने की कोशिश भी नहीं की है।
राहुल गांधी से नाराजगी और ट्विटर को लेकर उठे विवाद पर भी वाघेला ने सफाई दी। बीजेपी को लेकर अपने अकाउंट से ट्विट्स डिलीट करने पर उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी नकारात्मकता नहीं चाहते हैं, इसलिए वो कदम उठाया।
बता दें कि ऐसा माना जा रहा था कि इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। इस बात की आशंका इस बात से लगाई जा रही है क्योंकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक वाघेला शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। नाराजगी की पुष्टि इस बात से भी हुई थी जब उन्होंने ट्विटर से पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अनफॉलो कर दिया था।
इसके साथ ही उन्हें पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को भी अनफॉलो कर दिया। वाघेला के इस कदम के बाद कयासल लगाए जा रहे थे कि वाघेला 'घरवापसी' की तैयारी कर रहे हैं और वो एक बार फिर भाजपा में लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि, कुछ लोगो का मानना है कि यह कांग्रेस आला-कमान पर दबाव बनाने की रणनीति का ही हिस्सा है। पिछले महीने कांग्रेस पार्टी के 36 विधायकों ने वाघेला को पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की थी। कांग्रेल के पास गुजारत में 57 सीटें हैं। हालांकि, गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने सीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा करने से इनकार किया था।