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शाहीन बागः जमकर हुआ ड्रामा, एक गुट ने खोला रास्ता तो दूसरे ने किया बंद

Sat, 22 Feb 2020 09:13 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने 9 नंबर सड़क खोली - फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 70 दिनों से जामिया से कालिंदी कुंज की ओर जाने वाला बंद रास्ते को शनिवार शाम प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने कुछ समय के लिए खोला, जिसके बाद इसे दोबारा बंद कर  दिया गया। 

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पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) आर पी मीणा ने बताया कि लगभग दो घंटे पहले प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने शाहीन बाग में सड़क संख्या नौ को फिर से खोला लेकिन एक अन्य समूह ने इसे फिर बंद कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उन्होंने नोएडा और दक्षिण दिल्ली के बीच लोगों के आवागमन के लिए प्रदर्शन स्थल के निकट शाम लगभग पांच बजे सड़क का एक हिस्सा खोल दिया था लेकिन दिल्ली पुलिस और नोएडा पुलिस इसे एक तरफ से बंद किए हुए है।
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नोएडा को दक्षिणपूर्वी दिल्ली और हरियाणा में फरीदाबाद तक जोड़ने वाली सड़क को शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के मद्देनजर गत 15 दिसम्बर से बंद किया हुआ है।

प्रदर्शनकारियों ने ओखला पक्षी विहार की गेट से होते हुए 9 नंबर रास्ता को खोला था, यह रास्ता सीधे नोएडा की ओर जाता है। इस पल को यादगार बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पर पटाखे भी फोड़े। इसके बाद नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे, जहां लोगों को बंद रास्ते की खुले होने की सूचना दी। 

वहीं, प्रदर्शनकारियों के दूसरे गुट ने कुछ देर बाद रास्ते को दोबारा बंद कर दिया। इसके बाद दोनों गुटों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कालिंदी कुंज से नोएडा की ओर जाने वाला रास्ता दो महीने से अधिक वक्त से बंद पड़ा है। जिसकी वजह से जामिया की ओर से नोएडा जाने वाले बाइक सवार ओखला पक्षी विहार के किनारे होकर जाते थे। 

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ये है प्रदर्नकारियों की मांग

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए और सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में आदेश जारी करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें मीडिया और पुलिस पर भरोसा नहीं है, हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले।  

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शाहीन बाग और जामिया के लोगों के खिलाफ दर्ज केस और नोटिस को वापस लिया जाए। इसके साथ ही जामिया में हुई हिंसा में पुलिस की भूमिका की भी जांच हो। वे चाहते हैं कि प्रदर्शन स्थल की सुरक्षा के लिए स्टील शीट का उपयोग किया जाए।
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