पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 'सुशासन दिवस' के मौके पर शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 (जीजीआई 2021) जारी किया। इसमें गुजरात समग्र रैंकिंग में अव्वल रहा। महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर तो गोवा तीसरे स्थान पर आया है। उत्तर प्रदेश ने भी 8.9 फीसदी की वृद्धि के साथ सुशासन की दिशा में प्रगति की है।
इंडेक्स के अनुसार कम से कम 20 राज्यों ने वर्ष 2021 में अपने समग्र जीजीआई स्कोर में सुधार दर्ज किया है। गुजरात ने सूचकांक के 58 संकेतकों में शीर्ष स्थान पाया है। जीजीआई संकेतकों में उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2019 से 2021 के बीच 8.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है, जबकि जम्मू कश्मीर ने 3.7 फीसदी सुधार किया है।
केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली अव्वल
केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने समग्र रैकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने शनिवार को सुशासन दिवस के मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह जीजीआई इंडेक्स 2021 जाीर किया। यह सूचकांक केंद्रीय प्रशासन सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने तैयार किया है।
इस अवसर पर केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जीजीआई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शासन की स्थिति का आकलन करने में मदद करेगा। इसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शासन की स्थिति की तुलना करने के लिए डाटा प्रदान करना है। इससे राज्यों को शासन तंत्र में सुधार के लिए उपयुक्त रणनीति तैयार कर उसे लागू करने में मदद मिलेगी।
जीजीआई-2021 के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा 10 क्षेत्रों को कवर करते हुए समग्र रैंक स्कोर में शीर्ष पर रहे। हर साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जीजीआई 2021 के अनुसार झारखंड ने जीजीआई 2019 के मुकाबले 12.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। उसने 10 संकेतकों में से 7 में मजबूत प्रदर्शन किया। राजस्थान ने 1.7 फीसदी वृद्धि दर्ज की है। उसने न्यायपालिका, जनसुरक्षा, पर्यावरण व नागरिक केंद्रित विकास में अच्छी प्रगति की।
जीजीआई 2021 के ढांचे में 10 क्षेत्र और 58 संकेतक शामिल हैं। ये 10 क्षेत्र हैं कृषि और संबद्ध क्षेत्र, वाणिज्य और उद्योग, मानव संसाधन विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और उपयोगिताओं, आर्थिक सुशासन, सामाजिक कल्याण और विकास, न्यायिक और सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण और नागरिक केंद्रित शासन।
अफसरों से बोले शाह- हमारा तो पांच का कार्यकाल, आपका 25 साल.. इसलिए आपकी जिम्मेदारी बड़ी
गृहमंत्री अमित शाह ने सुशासन दिवस के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सुशासन के साथ स्वतंत्रता को फिर से परिभाषित कर सभी के लिए समावेशी विकास को हकीकत बनाया है। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से सुशासन में अपनी भूमिका समझने की सलाह देते हुए कहा, हमारा (नेताओं) कार्यकाल पांच साल के लिए है, लेकिन आपका कार्यकाल 25-30 वर्ष का है। इसलिए आपकी जिम्मेदारी भी बड़ी है।
सिविल सेवकों से शाह ने कहा, चुनी हुई सरकारें कानून बनाती हैं, पर इसे लागू करने की जिम्मेदारी सिविल सेवकों की है। हमारे संविधान में सिविल सेवकों पर एक खास तरह का भरोसा किया गया है। इसलिए नियमों के तहत काम करना बेहद जरूरी है, साथ ही नियमों की भावना को समझना चाहिए और ऐसे फैसले लेने चाहिए, जो देश के लोगों के लिए फायदेमंद हों।
मोदी सरकार ने सुराज के जरिये स्वराज को दी नई परिभाषा
कार्यक्रम में शाह ने कहा कि देश में पिछली 21 सरकारों ने अपने वोट बैंक को ध्यान में रखकर फैसले लिए, लेकिन मोदी सरकार ने कभी सिर्फ ऐसे फैसले नहीं लिए जो लोगों को ‘अच्छे’ लगें, बल्कि हमेशा ऐसे फैसले लिए जिनसे लोगों का ‘अच्छा’ हो। उन्होंनेे कहा, जब 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई, तो लोगों ने अनुभव किया कि यह सरकार देश को बदलने के लिए आई है। मोदी सरकार ने सुराज के जरिये स्वराज को फिर से परिभाषित किया है। सुराज को जमीन तक पहुंचाया है।