ओडिशा में आए तितली चकव्रात ने वहां भारी तबाही मचाई है। इस बीच अब खबर आई है कि वहां कई माताएं अपने नवजात बच्चों को अनोखा नाम दे रही हैं। गंजाम, जगतसिंहपुर और नयागढ़ में कई लोगों ने अपनी बेटियों का नाम तितली रखा है। क्योंकि या तो उनका जन्म चक्रवात के आने से पहले हुआ है या बाद में। 20 साल की अलेम्मा ने गुरुवार को ही जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। उस समय वहां चक्रवात का कहर था। वह अपनी दोनों बेटियों का नाम तितली रखना चाहती हैं। जिसे अंग्रेजी में बटरफ्लाई कहा जाता है। उनकी पहली बेटी का जन्म उस वक्त हुआ जब चक्रवात ओडिशा के तट से गुजरा था।
उसी अस्पताल में बिमला दास (29) ने भी बेटी को जन्म दिया है। बिमला का कहना है कि वह भी अपनी बेटी का नाम तितली रखेंगी। वह उनकी तीसरी बेटी है। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का कहना है कि बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक करीब 9 बच्चों ने जन्म दिया है। और वह सभी लड़कियां हैं।
अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने निर्णय लिया है कि वह सभी नवजात बच्चियों का नाम तितली रखेंगे। उन्होंने बताया कि 20 साल की गीतांजली गौड़ा ने भी बुधवार की रात 2 बजे एक बच्ची को जन्म दिया है। उन्होंने और उनके परिवार ने बच्ची का नाम तितली रखना स्वीकार कर लिया है। बुधवार शाम के बाद भी करीब 4 बच्चों ने जन्म लिया है। वहीं मंजरी जीना (21) ने भी बेटी को जन्म दिया और उसका नाम तितली रखेंगी।
गंजाम जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर (सीडीएमओ) सदानंद मिश्रा का कहना है कि उन्होंने बुधवार को जिले के विभिन्न अस्पतालों में करीब 100 गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराया था। ताकि उनकी सुरक्षित डिलीवरी हो सके। उनमें से 64 महिलाओं की डिलीवरी बुधवार की रात और गुरुवार की सुबह हुई।
जगतसिंहपुर के चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर (सीडीएमओ) अशोक पटनाइक का कहना है, 'मैं समझ सकता हूं कि माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम तितली रख रहे हैं। यह एक अच्छा नाम है। चक्रवात के दौरान 18 गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराया गया था। जिनमें से 6 की डिलीवरी हुई है। यह कोई पहला अवसर नहीं है जब ओडिशा के लोगों ने अपने बच्चों का नाम चक्रवात के नाम पर रखा हो। जब साल 1999 में सुपर चक्रवात आया था, जिसमें 10 हजार लोगों की मौत हुई थी। तब भी लोगों ने अपने बच्चों का नाम चक्रवात के नाम पर ही रखा था।'