एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार आरएनए जीन से जुड़ी जांच है। जांच के लिए गले और नाक से सैंपल लिया जाता है । सैंपल से आरएनए निकालने के लिए लैब में 2 से 3 घंटे लगते हैं। इसे आरटी-पीसीआर जांच भी कहते हैं। हर सैंपल में एक किट का इस्तेमाल होता है । अभी यह पूरी प्रक्रिया मानवीय (मैनुअल) है लेकिन स्वचालित आरएनए निष्कर्षण मशीन से कम स्टाफ में भी ज्यादा से ज्यादा नमूनों की जांच संभव हो सकेगी। एम्स की लैब में यह मशीन मौजूद है।
राज्यों से मिली सबसे बेहतर लैब की सूची में से 61 मानकों पर खरी नहीं उतरींं। इनमें 20 सरकारी और 41 निजी लैब हैं। लेकिन राज्याें से अब तक संशोधित प्रस्ताव नहीं मिले हैं। आईसीएमआर से मंजूरी के बाद ही लैब में जांच शुरू हो सकती है। आंध्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, मेघालय, पश्चिम बंगाल की एक-एक और महाराष्ट्र 18, हरियाणा में तीन, दिल्ली व बिहार में दो-दो सरकारी लैब मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। प्राइवेट लैब के प्रस्ताव एनएबीएल सर्टिफिकेट न होने के कारण रद्द किए हैं।
- फिलहाल रोज हो रहीं 20-25 हजार जाचें...
आईसीएमआर के अनुसार भारत में इस समय प्रतिदिन 20 से 25 हजार सैंपल की जांच चल रही है। यह स्थिति तब है जब देश में 24 घंटे तीन शिफ्ट में सैंपल की जांच चल रही है। अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से प्रतिदिन भारत में 1 से 1.20 लाख सैंपल की जांच हो सकती है।