बंगाल की दक्षिणी खाड़ी के ऊपर गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान बन चुका है। प्रशासन इसकी निगरानी कर रहा है। प्रशासन संभावित प्रभावों के कारण निगरानी की जा रही है। चक्रवात के कारण तमिलनाडु में अब तक अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है।
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मिचौंग ने भयावह रूप ले लिया है। यह आठ किमी की गति से यह दक्षिण आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटों की तरफ बढ़ रहा है। इसके मंगलवार को पूर्वाह्न आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच बापतला के पास तट से टकराने की आशंका है। इसके प्रभाव में सोमवार से ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश हो रही है। चेन्नई में आठ लोगों की मौत हो गई है। 204 ट्रेनें और 70 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। चेन्नई समेत चार जिलों में मंगलवार को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। आंध्र सरकार ने आठ जिलों में अलर्ट जारी किया है।
सात तक हालात खराब रहने की आशंका
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी निर्देश दिए हैं। तिरुपति, नेल्लोर, प्रकासम, बापतला, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनासीमा और काकीनाड़ा जिलों में चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सात दिसंबर तक स्थिति खराब बनी रहने की आशंका है। राहत और बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने तिरुपति जिले के लिए दो करोड़ और अन्य जिलों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
आठ जिलों में 181 शिविर बनाए गए
आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में 181 राहत शिविर बनाए गए हैं और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर वहां रखा जा रहा है। 6.5 लाख टन अनाज को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शिविरों में खाने-पीने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। शिविरों से वापसी के समय एक परिवार को 2,500 और एक व्यक्ति को 1,000 रुपये दिए जाएंगे। मकान को नुकसान पहुंचने पर 10,000 रुपये की मदद प्रदान की जाएगी।