गुजरात सरकार और वहां की पुलिस दावे कर रही है कि उत्तर भारतीयों पर हमले थम गए हैं, लेकिन सच तो ये है कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों पर वहां अभी भी हमले हो रहे हैं। ताजा मामला वडोदरा का है, जहां सोमवार की शाम एक सिविल इंजीनियर और 6 प्लंबरों पर कुछ लोगों ने हमला बोल दिया, जिससे वो घायल हो गए।
ये सभी लोग बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं। हालांकि, पुलिस ने दावा किया है कि इस हमले के पीछे पीड़ितों के मूल निवास स्थान का कोई लेना देना नहीं है। पुलिस ने बताया कि इस हमले के पीछे तीन आरोपी हैं, जिसमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान कीयूर परमार के रूप में हुई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सिविल इंजीनियर शत्रुघ्न यादव और उनके साथ 6 प्लंबर वडोदरा नगर निगम के एक प्राथमिक स्कूल के कंसट्रक्शन साइट पर काम करते हैं। सोमवार की शाम जब वो सभी निर्माणाधीन इमारत के पास बैठे हुए थे, तभी वहां कीयूर परमार समेत कुल तीन स्थानीय लोग आए और उनसे उनके पहनावे को लेकर पूछताछ करने लगे।
दरअसल, उस समय शत्रुघ्न यादव और बाकी लोग 'लुंगी' पहने हुए थे। पूछताछ के बाद यह मामला हाथापाई तक पहुंच गया और तीनों आरोपी उनसे मारपीट करने लगे। यादव ने बताया कि इस हमले में सभी सातों लोगों को मामूली चोटें आई हैं। बाद में यादव ने पुलिस को फोन किया, जिसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन जाते-जाते वो सभी प्रवासियों को शहर छोड़ देने की धमकी दे गए।
इसके बाद शत्रुघ्न यादव समेत सभी लोग आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने समा पुलिस थाने चले गए। जब वह वहां से लौटे तो शत्रुघ्न यादव की बाइक, जो उन्हें कॉन्ट्रैक्टर ने दी थी, वो जली हुई अवस्था में मिली। साथ ही वहां रखी दो कुर्सियां भी जली हुईं थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत में रह रहे कॉन्ट्रैक्टर मयूर पटेल भी वडोदरा लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि हमले के कारणों के बारे कुछ कह पाना अभी मुश्किल है, लेकिन अगर 'लुंगी' पहने होने की वजह से उनपर हमला हुआ है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बाइक और प्लास्टिक का कुर्सियां जलाने के अलावा वहां काम कर रहे करीब 30-40 मजदूरों को भी धमकाया है। आरोपियों ने धमकी दी है कि वो अपना मुंह बंद रखें, वरना बाइक की तरह ही उन्हें भी जला दिया जाएगा। इस धमकी के बाद मजदूर दहशत में हैं।
एक पुलिस अधिकारी पीडी परमार ने कहा, 'हमने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह मामला प्रवासियों के खिलाफ हिंसा का नहीं है। हम अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'