देशभर में कोरोना वैक्सीन को बड़े पैमाने पर एयरलिफ्ट करने के लिए पुणे एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार है। पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में तैयार 'कोविशील्ड' वैक्सीन की एयरलिफ्ट में फिर से देरी हो गई है। 48 घंटों की देरी के साथ अब यह वैक्सीन सोमवार तक ही ट्रांसपॉर्ट हो पाएगी। बता दें कि वैक्सीन की पहली खेप गुरुवार रात को एयरलिफ्ट की जानी थी। कोरोना वैक्सीन के मैन्युफैक्चरर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को अभी भी केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक आदेश मिलने का इंतजार है।
पुणे एयरपोर्ट के निदेशक कुलदीप सिंह ने कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर शुक्रवार को भी किसी तरह की मूवमेंट नहीं हुई। हम अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार हैं। हम आसानी से ट्रांसपॉर्टेशन को हैंडल कर सकते हैं। वर्तमान में एक दिन में 150 टन कार्गो से भी अधिक हैंडल कर सकते हैं।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एयरलाइन के प्रतिनिधि ने बताया कि ट्रांसपॉर्टेशन को सोमवार तक के लिए टाल दिया गया है। अब इस संबंध में हमारे पास और अधिक जानकारी नहीं है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के पास पुणे स्थित मंजारी प्लांट में पांच करोड़ डोज तैयार है। कंपनी को भारत सरकार की तरफ से आधिकारिक आदेश मिलने का इंतजार है।
सरकार से किसी तरह का मोलभाव नहीं
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने दाम को लेकर केंद्र सरकार के साथ किसी तरह के समझौते की वजह से ट्रांसपॉर्ट की प्रक्रिया में देरी की अफवाहों को खारिज किया है। सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि यहां दाम को लेकर किसी तरह का समझौता या मोलभाव नहीं है। वैक्सीन की डोज के ट्रांसपॉर्ट से पहले कुछ प्रक्रियाओं का पालन किया जाना जरूरी है। इसमें एक-दो दिनों का समय लग जाएगा।
पूनावाला ने घोषणा करते हुए बताया कि सरकार को कोविशील्ड की पहली 10 करोड़ डोज 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से दी जाएगी। मार्केट में यह एक हजार रुपये प्रति डोज के हिसाब से उपलब्ध रहेंगी। पूनावाला ने बताया कि उनकी कंपनी हर महीने पांच से छह करोड़ वैक्सीन की डोज तैयार कर रही है।