सेबी द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने को नियमों को कड़ा करने से पी - नोट्स के जरिये निवेश घटा है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा , ‘‘ वैश्विक व्यापार युद्ध तथा एफएंडओ निपटान की वजह से बाजार की धारणा प्रभावित हुई। उत्पादन बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी। इससे निकट भविष्य में भारतीय बाजारों को राहत मिलेगी। ’’ नायर ने कहा कि यदि व्यापार को लेकर तनाव बढ़ता है तथा विदेशी कोषों की निकासी जारी रहती है तो इससे रुपये तथा राजकोषीय स्थिति पर दबाव बनेगा। वियेना की बैठक में ओपेक द्वारा कच्चा तेल उत्पादन बढाने की सहमति के बावजूद एचपीसीएल , बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों में 3.91 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स का शेयर सबसे अधिक 5.94 प्रतिशत टूटा। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर ने अगले तीन साल के दौरान 1.2 लाख करोड़ रुपये के भारी भरकम निवेश की घोषणा की है। अन्य कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक 3.79 प्रतिशत , कोल इंडिया 2.28 प्रतिशत , एलएंडटी 2.05 प्रतिशत , एक्सिस बैंक 1.81 प्रतिशत , एसबीआई 1.81 प्रतिशत , हीरो मोटोकार्प 1.77 प्रतिशत , ओएनजीसी 1.72 प्रतिशत , पावर ग्रिड 1.44 प्रतिशत तथा अडाणी पोर्ट्स 1.38 प्रतिशत नीचे आए। इस रुख के उलट आईटी कंपनी इन्फोसिस का शेयर 2.07 प्रतिशत चढ़ गया।
वेदांता , कोटक बैंक , इंडसइंड बैंक , एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयर भी लाभ में रहे। बीएसई स्माल कैप में 0.89 प्रतिशत और मिडकैप में 0.80 प्रतिशत का नुकसान रहा। एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 0.79 प्रतिशत , शंघाई कम्पोजिट 1.05 प्रतिशत , सिंगापुर 0.81 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.29 प्रतिशत नीचे आया। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नीचे चल रहे थे।