फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका-चीन व्यापार विवाद गहराने से सेंसेक्स 219 अंक टूटा

Tue, 26 Jun 2018 05:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

मुंबई , 25 जून (भाषा) अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते और खराब होने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज 219 अंक टूटकर 35,470.35 अंक पर आ गया। वैश्विक स्तर पर चले बिकवाली दबाव का असर यहां के बाजारों पर भी पड़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 59.40 अंक के नुकसान से 10,762.45 अंक पर आ गया। इस तरह की खबरें आ रही हैं कि अमेरिका चीन की कंपनियों के निवेश पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे एशियाई बाजारों में गिरावट आई। ब्रोकरों ने कहा कि अमेरिका - चीन व्यापार विवाद को लेकर वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेतों तथा विदेशी कोषों की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

विज्ञापन


बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सकारात्मक रुख से खुलने के बाद 35,806.97 अंक के उच्चस्तर तक गया , लेकिन बाद में मुनाफावसूली का सिलसिला चलने तथा विदेशी कोषों की निकासी से यह नकारात्मक दायरे में 35,430.11 अंक तक नीचे आ गया। अंत में सेंसेक्स 219.25 अंक या 0.61 प्रतिशत के नुकसान से 35,470.35 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी कारोबार के दौरान 10,753.05 अंक के निचले स्तर तक आया।

अंत में यह 59.40 अंक या 0.55 प्रतिशत के नुकसान से 10,762.45 अंक पर आ गया। इस बीच , शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को 1,343.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,105.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच , भारतीय पूंजी बाजारों में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी - नोट्स) के जरिये निवेश मई के अंत तक घटकर नौ साल के निचले स्तर 93,000 करोड़ रुपये रह गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेबी द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने को नियमों को कड़ा करने से पी - नोट्स के जरिये निवेश घटा है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा , ‘‘ वैश्विक व्यापार युद्ध तथा एफएंडओ निपटान की वजह से बाजार की धारणा प्रभावित हुई। उत्पादन बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी। इससे निकट भविष्य में भारतीय बाजारों को राहत मिलेगी। ’’ नायर ने कहा कि यदि व्यापार को लेकर तनाव बढ़ता है तथा विदेशी कोषों की निकासी जारी रहती है तो इससे रुपये तथा राजकोषीय स्थिति पर दबाव बनेगा। वियेना की बैठक में ओपेक द्वारा कच्चा तेल उत्पादन बढाने की सहमति के बावजूद एचपीसीएल , बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों में 3.91 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स का शेयर सबसे अधिक 5.94 प्रतिशत टूटा। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर ने अगले तीन साल के दौरान 1.2 लाख करोड़ रुपये के भारी भरकम निवेश की घोषणा की है। अन्य कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक 3.79 प्रतिशत , कोल इंडिया 2.28 प्रतिशत , एलएंडटी 2.05 प्रतिशत , एक्सिस बैंक 1.81 प्रतिशत , एसबीआई 1.81 प्रतिशत , हीरो मोटोकार्प 1.77 प्रतिशत , ओएनजीसी 1.72 प्रतिशत , पावर ग्रिड 1.44 प्रतिशत तथा अडाणी पोर्ट्स 1.38 प्रतिशत नीचे आए। इस रुख के उलट आईटी कंपनी इन्फोसिस का शेयर 2.07 प्रतिशत चढ़ गया।

वेदांता , कोटक बैंक , इंडसइंड बैंक , एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयर भी लाभ में रहे। बीएसई स्माल कैप में 0.89 प्रतिशत और मिडकैप में 0.80 प्रतिशत का नुकसान रहा। एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 0.79 प्रतिशत , शंघाई कम्पोजिट 1.05 प्रतिशत , सिंगापुर 0.81 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.29 प्रतिशत नीचे आया। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नीचे चल रहे थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें