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Congress: सिद्धारमैया भाग्यशाली हैं जो पुराने नेताओं को छोड़कर दो बार सीएम बन गए, कांग्रेस विधायक का छलका दर्द

Thu, 03 Aug 2023 06:22 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

बसवराज रायरेड्डी ने कहा कि जो लोग मेरे पीछे चलते थे, वे मंत्री बन गए हैं। मैं देवेगौड़ा के मंत्रिमंडल में मंत्री था, तब कुमारस्वामी मेरे बगल में खड़े होने से डरते थे। क्या करें? उनके भाग्य में सीएम बनना लिखा था।
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कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया। - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी में चल रही अंदरूनी कलह किसी से छुपी नहीं है। इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर सिद्धारमैया टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को राजनीति में उज्जवल भविष्य के लिए भाग्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो पुराने नेताओं को पीछे छोड़कर पार्टी में शामिल हुए और मुख्यमंत्री बन गए।

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विधायक का छलका दर्द
कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी का दर्द एक बुधवार को कोप्पल में एक सभा को संबोधितक करते हुए छलका। इस दौरान उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने भाजपा को खड़ा किया, लेकिन मोदी प्रधानमंत्री बन गए। कभी-कभी किस्मत ऐसे ही कुछ लोगों का साथ देती है। सिद्धारमैया को देखो, कांग्रेस में आने के बाद वह दो बार मुख्यमंत्री बन गए।

आगे उन्होंने कहा कि जो लोग मेरे पीछे चलते थे, वे मंत्री बन गए हैं। उनमें से लगभग 20 के पिता के साथ मैं विधायक था, लेकिन आज वे मेरे सामने अहंकार दिखाते हैं। मैं विधायक था और बोम्मई (बसवराज बोम्मई) के पिता (एसआर बोम्मई) मेरे साथ सांसद थे। मैं देवेगौड़ा के मंत्रिमंडल में मंत्री था, तब कुमारस्वामी मेरे बगल में खड़े होने से डरते थे। क्या करें? उनके भाग्य में सीएम बनना लिखा था।
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कांग्रेस विधायकों ने लिखा है सीएम को पत्र
कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में हैं और उसके भीतर असंतोष पनपने की खबरों के बीच रायरेड्डी की टिप्पणी आई है। वहीं एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 30 से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के कार्यान्वयन न होने और कुछ मंत्रियों के कामकाज पर चिंता व्यक्त की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रायरेड्डी को भी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में से एक बताया जाता है।

अपने बयान पर विधायक ने दी सफाई
हालांकि रायरेड्डी ने अपने बयान पर सफाई भी दी और कहा कि उनका बयान राजनीति में भाग्यशाली होने के संबंध में था, कि राजनीति में योग्यता और वरिष्ठता कोई पैमाना नहीं है। सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय कार्यों के आधार पर मंत्री बनाए जाते हैं, यह परंपरा बन गई है। सीएम सिद्धारमैया पहले जनता दल और जेडीएस के साथ थे। 2006 में कांग्रेस में शामिल हो गए। वहीं पूर्व मंत्री रायरेड्डी भी पहले जनता दल में थे।

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