कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने रविवार को एक बाऱ फिर दोहराया कि 2023 का विधानसभा चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि वह चामुंडेश्वरी क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे। गौरतलब है कि 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा था। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी घोषणा की कि वह अगली विधानसभा के कार्यकाल के बाद राज्य सभा सहित किसी भी पद को स्वीकार नहीं करेंगे।
क्या बोले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया
चामुंडेश्वरी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर भी आरोप लगाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ भाजपा द्वारा गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की यही नीति 2018 में चामुंडेश्वरी से उनकी हार का कारण बनी। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यक्रमों और इसकी उपलब्धियों को लोगों तक ना पहुंचा पाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की विफलता को भी जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि 'मैं बहुत स्पष्ट रूप से कह रहा हूं, कांग्रेस कार्यकर्ता इसे स्पष्ट रूप से लें, मैं चामुंडेश्वरी से फिर से चुनाव नहीं लड़ूंगा। फिर किसी को यह नहीं कहना चाहिए कि सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ेंगे। हम किसी को उम्मीदवार बनाएंगे, सुनिश्चित करेंगे कि वह जीतेगा या नहीं, वह कांग्रेस का उम्मीदवार होगा।'
उन्होंने आगे कहा कि '2018 में, चामुंडेश्वरी के लोगों ने मेरा हाथ छोड़ दिया, लेकिन बादामी के लोगों ने मेरा हाथ थाम लिया, वे चाहते हैं कि मैं फिर से वहां से चुनाव लड़ूं।' उन्होंने ये भी कहा कि कोलार, कोप्पल, हुनसुर और वरुण के लोग भी यही चाहते हैं कि मैं वहां से चुनाव लड़ूं, लेकिन मैंने अभी भी फैसला नहीं किया है। मुझसे जहां भी कहा जाएगा, मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा।
सिद्धारमैया ने कहा कि मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ूंगा। उसके बाद मैं कोई पद भी स्वीकार नहीं करूंगा। सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस भ्रष्ट सरकार को जाना चाहिए। इस सांप्रदायिक सरकार को जाना चाहिए।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 2018 में चामुंडेश्वरी में जद(एस) के जीटी देवेगौड़ा से 36,042 से अधिक मतों के अंतर से हार गए थे। हालाँकि, उन्होंने बादामी से जीत हासिल की थीा। बादामी सीट पर उन्होंने भाजपा के बी श्रीरामुलु को सिर्फ 1,696 मतों के अंतर से हराया था। सिद्धारमैया ने 1983 में विधानसभा में पदार्पण किया था। तब वे लोक दल पार्टी के टिकट पर चामुंडेश्वरी से चुने गए थे। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार जीते और तीन बार हारे।
बता दें कि मई 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले सिद्धारमैया ने कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा। इससे पहले 2013 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव था। तब चुनाव के बाद वे मुख्यमंत्री बने थे।