कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को सीएम पद के लिए उनकी उम्मीदवारी पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी उम्मीदवारी को लेकर की जा रहीं चर्चाएं अप्रासंगिक हैं। थरूर ने कहा कि राज्य में तीन साल बाद विधानसभा चुनाव होना है और वर्तमान में केरल में एक मुख्यमंत्री और बहुमत के साथ चुनी गई सरकार है।
राज्य के प्रभावशाली धार्मिक और सामुदायिक नेताओं से मुलाकातों को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों के बीच शशि थरूर ने यह भी साफ कर दिया है कि उन्होंने कभी भी राज्य के किसी भी धार्मिक नेता से मिलने के लिए इच्छा नहीं जताई थी। इस दौरान उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि हाल ही में राज्य के कुछ धार्मिक और सामुदायिक नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। जिन्होंने उनसे मुलाकात की, उन्होंने खुद फोन करके मुझसे मिलने की इच्छा जताई थी।
क्या बोले शशि थरूर
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मीडिया अब मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी के बारे में चर्चा क्यों कर रही हैं। मैंने शुरू से ही स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की चर्चा की फिलहाल कोई प्रासंगिकता नहीं है। आपको 2026 तक इंतजार करना होगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव तीन साल दूर हैं। पहले 2024 में लोकसभा चुनाव हैं। विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी और जनता तय करेगी कि क्या करना है। हालांकि बड़ा संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में हमें हर चीज के लिए तैयार रहना होगा। हाल के दिनों में कुछ धार्मिक और समुदाय के नेताओं से मिलने के बारे में पार्टी के भीतर की आलोचनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह हमेशा सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखते हैं। जब कोई उनसे मिलने और बैठक के लिए आमंत्रित करेगा तो वह उसे ना नहीं कहेंगे।
कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने दी थी चेतावनी
दरअसल, कांग्रेस नेता का यह बयान तब आया है जब कांग्रस के शीर्ष नेतृत्व ने साफ किया है कि किसी भी सांसद के लिए अपनी उम्मीदवारी को लेकर बयान देना ठीक नहीं है। एआईसीसी केरल के प्रभारी महासचिव तारिक अनवर ने बुधवार को कहा था कि सांसदों के लिए अपनी उम्मीदवारी के बारे में बयान देना उचित नहीं है। कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवारों को चुनने के लिए अपना संगठनात्मक तंत्र है।