वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणि को तीन साल की अवधि के लिए भारत के नए अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया गया। मौजूदा अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल जल्द खत्म हो रहा है। मुकुल रोहतगी ने भी हाल ही में यह पद लेने का सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसके बाद अब इस पद पर आर वेंकटरमणि को नियुक्त किया गया है।
वेणुगोपाल का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है। उन्होंने पांच साल तक केंद्र के शीर्ष कानून अधिकारी के रूप में कार्य किया। केंद्र सरकार ने 67 वर्षीय मुकुल रोहतगी को फिर से अटॉर्नी जनरल बनने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्हें इसे अस्वीकार कर दिया। इस साल जून के अंत में, एजी वेणुगोपाल का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। यह एक्सटेंशन 30 सितंबर को समाप्त होने वाला है।
बता दें कि वरिष्ठ अधिवक्ता मकुल रोहतगी ने अटॉर्नी जनरल के रूप में लौटने के सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। रोहतगी ने जून 2017 में अटॉर्नी जनरल के रूप में पद छोड़ दिया था। उनके बाद केके वेणुगोपाल ने उनका स्थान लिया था।
क्या होता है अटॉर्नी जनरल का पद?
अटॉर्नी जनरल केंद्र सरकार के लिए देश के सबसे शीर्ष कानून अधिकारी और मुख्य कानूनी सलाहकार होता है जो सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। अटॉर्नी जनरल सरकार का प्रथम विधि अधिकारी होता है।
अनुराग ठाकुर के निजी सचिव होंगे जितेंद्र यादव
वहीं, नौकरशाह जितेंद्र यादव को बुधवार को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। वे अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेशों (एजीएमयूटी) कैडर के 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि उन्हें ठाकुर के निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है, जो युवा मामले और खेल मंत्रालय में सूचना और प्रसारण मंत्री भी हैं।