केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को बताया कि अमेरिकी सेमीकंडक्टर फर्म माइक्रोन के बारे में उनकी कथित टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
11 जून को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री के रूप में एचडी कुमारस्वामी ने कार्यभार संभाला। उन्हें इस्पात मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। उन्होंने अपने मंच पर लिखा, केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। यह मेरे गृह राज्य कर्नाटक से संबंधित है।
कुमारस्वामी ने देवदरी लौह अयस्क खदान के संचालन के लिए केआईओसीएल लिमिटेड की पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने लोकसभा चुनावों में मांड्या से सांसद चुने जाने के बाद विधायक के रूप में अपना इस्तीफा सौंपा।
हाल ही में कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि दरअसल सेमीकंडक्टर एक प्रकार का उद्योग है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल विनिर्माण के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है। दोनों क्षेत्र बहुत सारे रोजगार पैदा करते हैं। मैं पीएओ कार्यालय की कंडक्टर संबंधी पहल की सराहना करता हूं, अपने मंत्रालय के माध्यम से उन्हें पूरा करने की दिशा में काम करूंगा।
14 जून को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में यूएस आधारित माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सेमीकंडक्टर इकाई जैसे निवेश की आवश्यकता पर सवाला उठाया है। इससे प्रति नौकरी 3.2 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल सकती है। हम इस पर विचार कर रहे हैं और इस पर काम कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि मुझे गलत तरीके से पेश किया गया है। मैंने किसी राज्य का उल्लेख नहीं किया है। मेरे बयान को इस तरह क्यों उठाया गया? मुझे भविष्य में बहुत सावधान रहना होगा।
बता दें कि शुक्रवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा लोकसभा चुनावों में राज्य में जीत हासिल करने के बाद अपने पहले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम को चिन्हित करने के लिए एक विशाल रोड शो किया।