सत्तारूढ़ राजग से मुकाबले की तैयारी में जुटे विपक्षी गठबंधन इंडिया ने एक सीट-एक उम्मीदवार के फॉर्मूले के तहत 450 लोकसभा सीटों का चयन किया है। गठबंधन की मुंबई में आयोजित तीसरी बैठक में इसे अंतिम रूप दिए जाने पर माथापच्ची होगी। विपक्ष की कोशिश इसी बैठक में गठबंधन का अध्यक्ष, संयोजक और पांच सह संयोजक तय करने के साथ गठबंधन का विस्तार करने की भी है। सबकुछ ठीक रहा तो सितंबर से ही अलग-अलग राज्यों में संयुक्त रैलियों की शुरुआत करने की योजना है।
जदयू सूत्रों के मुताबिक, केरल, पंजाब, दिल्ली समेत कुछ राज्यों की चंद सीटों को छोड़कर ऐसी 450 सीटें चिह्नित की गई हैं, जहां विपक्षी गठबंधन एक ही उम्मीदवार उतारेगा। इसके मसौदे पर दो दिवसीय बैठक में फैसला होगा। जिन सीट विशेष पर अनिर्णय की स्थिति होगी, उसे बाद में सुलझाने की उम्मीद है। पार्टी के झंडा-लोगो पर पहले ही करीब-करीब आमसहमति है। गठबंधन इसके लिए बिना अशोक चक्र के राष्ट्रीय ध्वज के सभी रंगों वाला झंडा इस्तेमाल करेगा।
सामाजिक न्याय को मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी : इंडिया की योजना मोदी सरकार को सामाजिक न्याय के मुद्दे पर घेरने की है। इसके लिए जातीय जनगणना को मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी है। इसके बाद बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक तानाबाना बिखरने जैसे मुद्दे को उठाने की है।
विस्तार की भी कवायद
कांग्रेस से हो सकता है अध्यक्ष
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की कोशिश इसी बैठक में गठबंधन के अध्यक्ष, मुख्य संयोजक या समन्वयक और क्षेत्रीय संयोजक या समन्वयक तय कर लेने की है। फॉर्मूला यह है कि चार-पांच राज्यों को मिलाकर कम से कम पांच क्षेत्रीय संयोजक बनाए जाएं। इसके अलावा सर्वसम्मति से अध्यक्ष और मुख्य संयोजक तय किया जाए। जदयू सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष पद कांग्रेस के हिस्से और मुख्य संयोजक पद क्षेत्रीय दलों के हिस्से जा सकता है।
नीतीश ने कहा-मुझे किसी पद की महत्वाकांक्षा नहीं
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने संयोजक के रूप में अपनी नियुक्ति के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, मैं किसी भी पद की आकांक्षा नहीं रखता। दूसरों को चुना जाएगा। मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। मैं सभी को एकजुट करना चाहता हूं। मैं सभी के कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं।
सोनिया भी बैठक में होंगी शामिल