केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के नए निदेशक का नाम तय करने के लिए आज शाम प्रधानमंत्री आवास पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक होने जा रही है। नए सीबीआई चीफ के लिए जिन नामों पर विचार होगा, उनमें 1982 से 1985 बैच के सीनियर आईपीएस शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के निदेशक पद के लिए जो नाम टॉप पर चल रहे हैं, उनमें सुबोध कुमार जायसवाल, रजनीकांत मिश्र, वाईसी मोदी और राजेश रंजन प्रमुख हैं।
इनमें से मुंबई के पुलिस आयुक्त जायसवाल रॉ में रहे हैं, जबकि वाईसी मोदी, राजेश रंजन और रजनीकांत मिश्र को सीबीआई में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है। हालांकि चर्चा गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा और यूपी के डीजीपी ओपी सिंह के नामों की भी हैं, लेकिन उनके नाम पर कमेटी में सहमति बनने के आसार कम ही नजर आते हैं।
सेलेक्ट कमेटी की बैठक शाम साढ़े छह बजे होगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। सुबोध कुमार जायसवाल को तेज तर्रार अफसर माना जाता है।
उन्होंने अपने करियर में कई बड़े मामलों की जांच की है। मुंबई पुलिस में वे करोड़ों रुपये के जाली स्टंप पेपर घोटाले की जांच करने वाले विशेष दल के प्रमुख थे। साल 2006 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले की जांच जायसवाल ने ही की थी।
पिछले साल राज्य सरकार ने पत्र लिखकर जायसवाल से पूछा था कि क्या वह रॉ से महाराष्ट्र पुलिस में वापस आना चाहते हैं। उनके हां कहने के बाद ही उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त बनाया गया था।
दूसरे नंबर पर एनआईए के डीजी वाईसी मोदी हैं। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में गुजरात दंगों की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय जांच टीम में वाईसी मोदी शामिल थे।
तीसरे स्थान पर सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन हैं। उन्होंने सीबीआई में लंबे समय तक काम किया है। बीएसएफ के डीजी रजनीकांत मिश्र के पास सीबीआई में काम करने का लंबा अनुभव है।
यूपी के पुलिस प्रमुख ओपी सिंह का नाम भी चल रहा है, लेकिन उन्होंने सीबीआई में काम नहीं किया है। हालांकि जायसवाल भी केवल रॉ में तैनात रहे हैं।
सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है और इंटरपोल के पहले असिटेंट डायरेक्टर होने का गौरव भी हासिल किया है। तांत्रिक चंद्रास्वामी को गिरफ्तार करने से लेकर रुचिका छेड़छाड़ मामले में पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को सलाखों के पीछे भेजने जैसे कई कारनामें इनके नाम पर हैं।
गृह मंत्रालय ने दिसंबर में ही भेज दी थी दर्जनभर अफसरों की सूची
गृह मंत्रालय ने सीबीआई निदेशक पद के लिए दिसंबर के महीने में ही एक दर्जन से अधिक आईपीएस अफसरों की सूची कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेज दी थी। इस सूची में एनआईए के डीजी वाईसी मोदी, सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन, बीएसएफ के डीजी रजनीकांत मिश्र और मुंबई के पुलिस आयुक्त सुबोध जायसवाल का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया है।
इनके अलावा गृह मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी (इंटरनल सेक्योरिटी) के पद पर कार्यरत 1993 बैच की आईपीएस रीना मित्रा, यूपी के डीजी ओपी सिंह, सीआरपीएफ के डीजी राजीव भटनागर और रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी विवेक जौहरी का नाम भी डीओपीटी के पास भेजा गया है। रीना मित्रा अपने करियर में केवल एसपी रहते हुए सीबीआई में कार्यरत रही हैं।