दिल्ली में कोरोना के आंकड़े रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहे हैं और स्थिति बेकाबू होती दिख रही है। राजधानी में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा प्रतिदिन 400 से भी ऊपर चला गया है। स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए दिल्ली सरकार ने अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर सेना की मदद मांगी है।
कोरोना मामलों के दिल्ली के नोडल मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सेना की मदद मिल जाने के बाद डीआरडीओ की तर्ज पर और अधिक अस्पताल बनाए जा सकते हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाने में भी सेना के उच्च स्तरीय वाहन मदद कर सकते हैं।
76 स्कूलों में टीकाकरण केंद्र बने
दिल्ली के 76 स्कूलों में इस समय 301 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। सभी पर नियमों के अनुसार टीकाकरण शुरू हो चुका है। कई केन्द्रों पर लंबी भीड़ भी देखी जा रही है। इसे देखते हुए दिल्ली में जल्दी ही टीकाकरण केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 3000 की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर 250 लोगों को टीका लगाने का नियम बनाया गया है, इसलिए लोग अपने रजिस्ट्रेशन के अनुसार आकर वैक्सीन लगवाते रहें। सरकार ने अपील की है कि किसी भी स्थिति में भीड़ नहीं लगनी चाहिए।
उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को दिल्ली के कई वैक्सीन केन्द्रों का निरीक्षण किया और कहा कि राजधानी के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आना चाहिए और वैक्सीन लगवाकर इस महामारी से लड़ने में दिल्ली सरकार की मदद करनी चाहिए। इस समय भी वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहा है और लोग रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।
दूर नहीं हो पा रही ऑक्सीजन की किल्लत
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए ऑक्सीजन की मांग बढ़कर 978 मीट्रिक टन तक जा पहुंची है, लेकिन दिल्ली को अभी भी उसकी जरूरत का लगभग आधा ही ऑक्सीजन मिल पा रहा है। रविवार को भी दिल्ली को केवल 440 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल पाई है।
नहीं लगे नए ऑक्सीजन केंद्र
सरकार ने दावा किया था कि 30 अप्रैल तक राजधानी में ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले आठ केंद्र शुरू हो जाएंगे। इन केन्द्रों को केंद्र सरकार के माध्यम से लगाया जाना था। लेकिन इस डेड लाइन के चार दिन बीत जाने के बाद अभी भी इन सभी केन्द्रों से ऑक्सीजन का उत्पादन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। यही कारण है कि राजधानी में अभी भी ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा सकी है।
पूरी नहीं की जा रही ऑक्सीजन की मांग: दिल्ली सरकार
दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि उसकी बार-बार की मांग के बाद भी ऑक्सीजन की कमी पूरी नहीं की जा रही है। इसका परिणाम सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि सेना की सहायता मिल जाने के बाद राजधानी में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन में मदद मिलेगी और ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकेगा।