केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने ट्विटर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, इसीलिए नेहरू पहला संशोधन लाए और श्रीमती इंदिरा गांधी ने धारा 124ए को संज्ञेय अपराध बनाया। इसी कारण अन्ना आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के दौरान लोगों को उत्पीड़न झेलना पड़ा और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह कानून पर रोक लगाने के बाद किरेन रिजिजू की लक्ष्मण रेखा संबंधी टिप्पणी पर बृहस्पतिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सवाल खड़ा किया। केंद्रीय कानून मंत्री ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता को अभिव्यक्ति की आजादी और राजद्रोह पर जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी सरकार के फैसलों की याद दिलाई।
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रिजिजू की टिप्पणी पर चिदंबरम ने कहा था कि भारत के कानून मंत्री को मनमाने ढंग से लक्ष्मण रेखा खींचने का अधिकार नहीं है। उन्हें संविधान का अनुच्छेद 13 पढ़ना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, विधायिका कानून नहीं बना सकती और न ही ऐसे कानून को कानून की किताब में रहने दिया जा सकता, जिससे मौलिक अधिकारों का हनन हो। चिदंबरम ने कहा, कई विद्वानों के मुताबिक राजद्रोह कानून संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन है। राजा के सभी प्यादे मिलकर भी ऐसे कानून को नहीं बचा सकते।
रिजिजू ने साधा निशाना...
केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने भी ट्विटर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, इसीलिए नेहरू पहला संशोधन लाए और श्रीमती इंदिरा गांधी ने धारा 124ए को संज्ञेय अपराध बनाया। इसी कारण अन्ना आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के दौरान लोगों को उत्पीड़न झेलना पड़ा और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा।