भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद सीमा विवाद 1960 के दशक से चल रहा है। महाराष्ट्र तत्कालीन ‘बॉम्बे प्रेसीडेंसी’ का हिस्सा रहे बेलगावी पर दावा करता है क्योंकि यहां मराठी भाषा बोलने वालों की अच्छी खासी आबादी है। महाराष्ट्र ने 80 मराठी भाषी गांवों पर भी दावा किया है, जो वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा हैं।
कर्नाटक और सुप्रीम कोर्ट में जारी सीमा विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को देखते हुए पुलिस ने सीमावर्ती बेलगावी जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सीमा विवाद पर सुनवाई को लेकर सीमा पर किसी भी तरह का विवाद ना पैदा हो इसके लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र पुलिस के प्रमुखों ने कल निपन्नी में बैठक की थी।
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उन्होंने कहा कि इस बाबत पूरे बेलागवी जिले में 21 चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इसके अलावा, जिला रिजर्व और कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) के प्लाटून के साथ कागवाड़ा, निप्पनी और कागनोली की सीमा चौकियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि शांति और सद्भाव को भंग करने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, आगामी तीन दिसंबर को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई बेलगावी का दौरा कर सकते हैं। जानकारी है कि वे यहां महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) (महाराष्ट्र समर्थक संगठन) के पदाधिकारियों से मिलने के लिए आ रहे हैं। उनके दौरे के दौरान किसी भी तरह की कोई अप्रत्याशित घटना ना हो इसके लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। एडीजीपी (कानून और व्यवस्था) आलोक कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हमने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए तैयारियां की हैं। साथ ही पिछले सप्ताह हुई घटनाएं दोबारा ना हों इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का यह कदम सीमा विवाद को लेकर दोनों तरफ की बसों और वाहनों को नुकसान पहुंचाने या काला करने जैसी कुछ घटनाओं के बाद आया है।
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दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कुछ बयानों के कारण फिर से शुरू हो गया, जो बेलगाम और दक्षिणी राज्य के कुछ अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों पर महाराष्ट्र के दावे से संबंधित है, जिसमें मराठी भाषा बोलने वाली आबादी का बड़ा हिस्सा है।
गौरतलब है कि भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद सीमा विवाद 1960 के दशक से चल रहा है। महाराष्ट्र तत्कालीन ‘बॉम्बे प्रेसीडेंसी’ का हिस्सा रहे बेलगावी पर दावा करता है क्योंकि यहां मराठी भाषा बोलने वालों की अच्छी खासी आबादी है। महाराष्ट्र ने 80 मराठी भाषी गांवों पर भी दावा किया है, जो वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा हैं।