जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों का इधर से उधर आवागमन सड़क के रास्ते ही जारी रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को सुरक्षा बलों के सड़क मार्ग से ही आवागमन को ‘आवश्यक’ बताया। हालांकि मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया कि राज्य में सैनिकों को ले जाने के लिए वायु सेना का सहयोग भी पहले के मुकाबले बढ़ाया जा रहा है।
मंत्रालय का यह बयान बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर के विस्फोटकों से भरी गाड़ी सीआरपीएफ के 78 वाहनों के काफिले से टकरा देने के बाद आया है। पुलवामा में हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। केंद्र सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों को जम्मू-श्रीनगर सेक्टर में हेलिकॉप्टरों के जरिए ढोने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जवानों की यात्रा का समय घटाने के लिए सभी सेक्टरों में एयर कूरियर सर्विस को बढ़ाया गया है। मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज किया, जिनमें जम्मू-श्रीनगर सेक्टर में सीआरपीएफ जवानों को हवाई जहाज से आवागमन की सुविधा नहीं दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह झूठी खबर है।