छत्तीसगढ़: माओवादी इलाकों में 'खबरी' पर लग रही बाजी, मात्र एक 'ढोल' मांद में छिपे नक्सलियों को कर देता है सचेत
सार
बड़े ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों की कई टीमें अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ती हैं। नक्सली, जंगल के चप्पे-चप्पे पर अपना आदमी रखते हैं। उन्हें जैसे ही सुरक्षा बलों की मूवमेंट नजर आती है, वे ढोल बजा देते हैं। ऑपरेशन को बचाए रखने के लिए सुरक्षा बल, रात के समय चलना शुरू करते हैं। रात में एक घंटे में मुश्किल से एक किलोमीटर चला जाता है, जबकि दिन में वही रास्ता चार-पांच किलोमीटर तय हो जाता है...
सुरक्षा बल
- फोटो : Agency (File Photo)