महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कुछ राज्यों में अलगाववादी ताकतों की सक्रियता पर चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने इस तर्क का खंडन किया कि भारत अतीत में कभी भी एक समरूप देश नहीं था।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि कुछ राज्यों में अलगाववादी ताकतें अब भी सक्रिय हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवसक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार के दिए एकता और एकीकरण के संदेश मौजूदा समय में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
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राज्यपाल भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक सचिन नंदा की पुस्तक ‘हेडगेवार : ए डेफिनिटिव बायोग्राफी’ के विमोचन पर बोल रहे थे। उन्होंने इस तर्क का खंडन किया कि भारत अतीत में कभी भी एक समरूप देश नहीं था।
उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ने कई शताब्दियों पहले भारतीय उपमहाद्वीप को एकजुट किया था। सांस्कृतिक और पारंपरिक रूप से भारत हमेशा एक राष्ट्र रहा है। विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत को विभाजित किया और इस पर शासन करने में कामयाब रहे। इसलिए एकता का संदेश और भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में आज भी अलगाववादी ताकतें सक्रिय हैं।
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उन्होंने कहा कि ऐसे में आरएसएस संस्थापक डॉ केबी हेडगेवार के एकता और एकीकरण के विचार आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। आरएसएस ने अपनी लंबी और शानदार यात्रा में सैकड़ों देशभक्तों को जन्म दिया जो निस्वार्थ भाव से देश के लिए जिए और मर गए।