कोरोना वैक्सीन लगातीं स्वास्थ्यकर्मी
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देश में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए टीकाकरण पर खासा जोर देने की बात विशेषज्ञों ने की है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों के पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोवोवैक्स, बायोलॉजिकल ई की कोवोवैक्स और कोरोना रोधी गोली मोलनुपीराविर के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देने की सिफारिश की है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी लगाई हैं।
बहुत ज्यादा खतरा वालों को दी जाएगी दवा
आधिकारिक सूत्रों ने इस जानकारी दी कि आपातस्थिति में दवा का उपयोग कोविड-19 से पीड़ित वयस्क मरीजों पर एसपीओ-2 93 प्रतिशत के साथ किया जा सकेगा और उन मरीजों को यह दवा दी जा सकेगी जिनको बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा हो। साथ ही समिति ने कोरोना रोधी गोली मोलनुपीराविर के निर्माण और विपणन की अनुमति देने की सिफारिश की है।
बड़ी फार्मा कंपनियों ने किया अनुरोध
डॉ रेड्डीज लैब ने सिपला, मिलान, टोरेंट, एमक्योर और सन फार्मा के साथ मिलकर आपात स्थिति में मोलनुपीराविर के उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने इसके साथ सभी जरूरी दस्तावेज और परीक्षणों के परिणाम आदि को भी शामिल किया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के पर्चे पर ही दुकानों में यह दवा बेची जाए
आधिकारिक सूत्र ने बताया कि कोविड-19 की आपात स्थिति और मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समिति ने देश में आपात स्थिति में मोलनुपीराविर के नियंत्रित उपयोग के लिए दवा के उत्पादन और बिक्री की अनुमति देने की सिफारिश की है।
दवा का उपयोग वयस्क मरीजों पर ‘एसपीओ2’ 93 प्रतिशत के साथ और उन मरीजों के लिए किया जा सकेगा जिनको बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा, जैसे अस्पताल में भर्ती होने और मरने की स्थिति का हो शर्तों के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों के पर्चे पर ही दुकानों में यह दवा बेची जाए। साथ ही इस दवा का उपयोग 18 साल से कम आयु के लोगों पर नहीं किया जा सकेगा। शर्तों के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों के पर्चे पर ही दुकानों में यह दवा बेची जाए और इस दवा का उपयोग 18 साल से कम आयु के लोगों पर नहीं किया जा सकेगा।