चिकित्सा शिक्षा को लेकर काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव करने के लिए पहली बैठक बुधवार को दिल्ली के एनएमसी मुख्यालय में हुई। एनएमसी की चिकित्सा शिक्षा परामर्श समिति की ओर से बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई है।
हर साल देश के मेडिकल कॉलेजों में खाली रहने वाली चिकित्सा शिक्षा सीटों को लेकर जल्द ही समाधान मिलने वाला है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि छात्रों को प्रवेश के समय सहजता रहने के साथ-साथ हर साल रिक्त रहने वाली सीटों का इस्तेमाल किया जा सके।
विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा को लेकर काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव करने के लिए पहली बैठक बुधवार को दिल्ली के एनएमसी मुख्यालय में हुई। एनएमसी की चिकित्सा शिक्षा परामर्श समिति की ओर से बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई है। कहा जा रहा है कि आगामी बैठक में बदलाव प्रक्रिया के बारे में सभी सदस्यों की सलाह पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र के लिए काउंसलिंग में बदलाव का आदेश जारी होगा।
पीजी में पिछले वर्ष 12,758 सीटें रिक्त : देश में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 706 है, जिनमें 1.06 लाख से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। शैक्षणिक सत्र 2019 में 273, 2021 में 326 और 2022 में 261 सीटें रिक्त रहीं। इसी अवधि में पीजी की करीब 12,758 सीटें रिक्त रही हैं।