बिहार में साल के अंत तक चुनाव होने हैं। सभी पार्टियां चुनाव की तैयारियां कर रही हैं। इस चुनावी साल में अमर उजाला बिहार और बिहार की राजनीति, उससे जुड़ी घटनाओं और चेहरों के बारे में अलग-अलग सीरीज के जरिए बता रहा है। इसी से जुड़ी ‘सीट का समीकरण’ सीरीज की 14वीं कड़ी में आज हम आपको हसनपुर विधानसभा सीट के बारे में बताएंगे। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव 2020 में हसनपुर सीट से जीते थे।
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कांग्रेस को मिली पहली जीत
पांच बार के विधायक गजेंद्र प्रसाद को 1985 विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में गजेंद्र प्रसाद निर्दलीय चुनावी मैदान पर उतरे थे। इस बार कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद यादव को 6,684 वोट से जीते।
1990: गजेंद्र प्रसाद ने की वापसी
1990 में पूर्व विधायक गजेंद्र प्रसाद को 28,010 वोटों से जीत मिली। इस बार गजेंद्र जनता दल से चुनावी मैदान में उतरे थे। इसके साथ ही इस चुनाव में एक बार के कांग्रेस विधायक राजेंद्र प्रसाद यादव भी चुनावी मैदान में थे। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
1995 के चुनाव में एक बार फिर जनता दल को जीत मिली। इस बार पार्टी से सुनील कुमार पुष्पम मैदान में थे। उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद को 26,260 वोटों से हराया। 2000 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर गजेंद्र प्रसाद जीते। ये गजेंद्र प्रसाद हसनपुर सीट पर सातवीं जीत थी। इस बार उन्हें ये जीत जदयू के टिकट पर मिली। गजेंद्र ने राजद के राजेंद्र यादव को 3,128 वोट से हराया।
2005: दोनों चुनाव में राजद को मिली जीत
2005 में बिहार में दो बार विधानसभा चुनाव हुए थे। पहला चुनाव फरवरी और दूसरा चुनाव अक्तूबर में हुआ। दोनों चुनाव में हसनपुर सीट से राजद के सुनील कुमार पुष्पम को जीत मिली। वहीं दोनों चुनाव में दूसरे नंबर पर लोजपा के राम नारायण मंडल रहे। सुनील ने राम नारायण को पहले चुनाव में 6,305 वोट से हराया। वहीं, दूसरे चुनाव में जीत हार का ये अंतर बढ़कर 7,438 वोट का हो गया।
2010 और 2015 के चुनाव में हसनपुर सीट पर जदयू को जीत मिली। दोनों बार राजकुमार राय विधानसभा पहुंचे। 2010 में उन्होंने 3,291 वोट से जीत दर्ज की। वहीं, 2015 के चुनाव में राय ने विनोद चौधरी 29,600 वोट से हराया।
2020: सीट बदलकर जीते तेजप्रताप यादव
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव वर्तमान में हसनपुर सीट से विधायक हैं। 2020 में उन्होंने दो बार के विधायक राजकुमार को 21,139 वोटों से हराया। तेज प्रताप को कुल 80,822 वोट मिले। हसनपुर विधानसभा सीट से पहले तेज प्रताप बिहार के मुहआ सीट से विधायक थे।