रामेश्वरम के समुद्र तट और पाक जलसंधि का पानी नतालुका शैवाल की मौजूदगी के कारण असामान्य रूप से गहरे हरे रंग का हो गया है।
सेंट्रल मरीन एक्वेरियम रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह शैवाल पम्बन से रामेश्वरम तक 10 किमी में और पाक जलसंधि में सिंगली से कुरुसाडा द्वीपसमूह तक दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि शैवाल जुलाई से सितंबर तक समुद्र में फैलती है और इस अवधि के दौरान पानी का रंग हरा हो जाता है। प्रवाह कम होने पर यह परिवर्तन देखा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में समुद्र अपने मूल रंग में आ जाएगा।
वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि शैवाल की वजह से प्रवाह कम होने और दम घुटने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई होगी।