वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला को पुलिस ने सोमवार को हैदराबाद में उनके आवास के बाहर पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से शर्मिला को 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर, शर्मिला के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। उन पर एक उप निरीक्षक के साथ मारपीट करने, एक पुलिस कांस्टेबल पर अपना वाहन चढ़ाने और पुलिस अधिकारियों से दुर्व्यवहार करने का आरोप है।
यह है पूरा मामला
वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की प्रमुख शर्मिला सोमवार को टीएसपीएससी पेपर लीक मामले में एसआईटी ऑफिस जा रही थीं। इस दौरान तेलंगाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने की वजह से शर्मिला ने पुलिस का विरोध किया। इस वजह से उनके और पुलिस के बीच में झड़प हो गई, जो धक्का मुक्की में बदल गई। इसके बाद तेलंगाना पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस थाने लेकर आई।
पेपर लीक मामले में भाजपा नेता पर को भी पूछताछ के लिए बुलाया
पेपर लीक मामले की जांच कर रहे तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल ने राज्य के भाजपा प्रमुख बंदी संजय को पूछताछ के लिए 26 मार्च को पेश होने के लिए शनिवार को तलब किया था। संजय ने समन पर कहा था कि एसआईटी में पेपर लीक मामले में बीआरएस नेताओं को नोटिस जारी करने का साहस नहीं था। एसआईटी अधिकारी 25 मार्च को टीएसपीएससी लीक मामले में संजय को नोटिस देने के लिए हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान संजय को उनके दावे से संबंधित सवालों का जवाब देना था। संजय ने कुछ दिनों पहले कहा था कि जगतियाल जिले से आने वाले 50 लोग टीएसपीएससी में योग्य हैं।
पेपर लीक में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया
मामले में हैदराबाद पुलिस ने पिछले महीने तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) के दो कर्मियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। कथित रूप से TSPSC के सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक करने में शामिल थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चार हार्ड ड्राइव, तीन लैपटॉप और आठ मोबाइल फोन बरामद किए थे।
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम किरण खरे ने बताया था कि उन्होंने प्रश्न पत्र को कंप्यूटर से एक पेन-ड्राइव में स्थानांतरित कर रेणुका और उनके पति ढाक्या को सौंपा था। जिन्होंने उन्हें दो मार्च को शुरू में पांच लाख रुपए और छह मार्च को पांच लाख रुपए का भुगतान किया था।