भारतीय नौसेना की स्कॉर्पियन और परमाणु पनडुब्बियों को बहुत जल्द टॉरपीडो मिल जाएंगे। फ्रांस नेवल ग्रुप और जर्मन एटलस इलेक्ट्रॉनिक टॉरपीडो आपूर्ति की अंतिम रेस में पहुंच गई हैं। नौसेना इन दोनों श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए 100 टॉरपीडो खरीदना चाहती है। इसके लिए 17 जनवरी को निवेदाएं बंद हुई थीं।
जर्मन एटलस इलेक्ट्रॉनिक और फ्रांस नेवल ग्रुप ने अंतिम दौर में जगह बना ली है। नौसेना की जरूरत के आधार पर इन कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। फ्रांसीसी मूल की स्कोर्पियन पनडुब्बी का निर्माण भारत की मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में हो रहा है। अब तक इस पनडुब्बी में एक भी टॉरपीडो नहीं लगा है।
ऐसी स्थिति में फ्रांसीसी फर्म का प्रस्ताव महत्वपूर्ण हो सकता है। आईएनएस कावेरी इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी है। फिलहाल सरकार विदेशी कंपनी से सीमित संख्या में टॉरपीडो खरीदेगी लेकिन बाद में इनका निर्माण मेक इन इंडिया के तहत देश में ही किया जाएगा।