लिंग परीक्षण के विज्ञापनों पर सख्त हुई सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट में लिंग परीक्षण संबंधी विज्ञापनों को ब्लॉक करने के उपायों को लेकर केंद्र सरकार को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और याहू आदि सर्ज इंजन के अधिकारियों से बैठक करने के लिए कहा है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को 10 दिनों के भीतर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और याहू आदि के तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का समाधान निकालने के लिए कहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और याहू आदि से उन विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए कहा था जो लिंग परीक्षण की बात करता हो।
ये विज्ञापन पीएनडीटी की धारा-22 के विपरीत है। अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। पीठ ने कहा कि कोई भारतीय कानून का लगातार उल्लंघन कर रहा है और उनका यह कहना कि वह कुछ नहीं कर सकते, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत साबू जार्ज मैथ्यूज की याचिका पर सुनवाई कर रही है।