केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने गत वर्ष जनवरी महीने में जारी उस अधिसूचना को वापस लेने का फैसला लिया है जिसमें तमिलनाडु में होने वाले जल्लीकट्टू उत्सव में बैलों के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि जल्लीकट्टू को लेकर तमिलनाडु विधानसभा ने कानून पारित कर दिया है, ऐसे में केंद्र सरकार गत वर्ष सात जनवरी में जारी अधिसूचना को वापस लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में जल्द ही आवेदन दायर करेगी।
तमिलनाडु के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को नोटिस
जल्लीकट्टू के समर्थन में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस ज्यादती की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और चेन्नई के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया। सभी को दो हफ्ते में इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि रिपोर्ट को देखने पर प्रथम दृष्टया इस मामले में मानवाधिकार का उल्लंघन दिखता है।